लखनऊ। केजीएमयू के शताब्दी अस्पताल के सामने माध्यमिक शिक्षा परिषद की करीब चार एकड़ जमीन निशुल्क चिकित्सा शिक्षा विभाग को हस्तांतरित की जाएगी। इस जमीन पर केजीएमयू बहुमंजिला इमारत बनाकर सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं शुरू करेगा। मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में चिकित्सा शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
केजीएमयू के शताब्दी अस्पताल के सामने माध्यमिक शिक्षा परिषद की जमीन है। इस पर राजकीय गर्ल्स कॉलेज संचालित है। करीब पांच साल पहले तत्कालीन कुलपति प्रो एमएलबी भट्ट ने परिषद की जमीन को केजीएमयू को देने का प्रस्ताव बनाया। इस प्रस्ताव पर चिकित्सा शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। आखिरकार सरकार के आदेश पर यह जमीन केजीएमयू को देना तय हुई। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में केजीएमयू की दक्षता वृद्धि एवं भविष्य की विस्तार योजनाओं को शुरू करने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद की जमीन चिकित्सा शिक्षा विभाग को निशुल्क हस्तांतरित करनेके प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। अब इस जमीन पर केजीएमयू बहुमंजिला टॉवर तैयार करेगा। यानी शताब्दी अस्पताल के भवन की तरह की कई अन्य भवन तैयार किए जाएंगे। इनमें सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाएं शुरू की जाएंगी। साथ ही उन विभागों को भी शिफ्ट किया जाएगा, जो पुराने भवन में चल रहे हैं। यहां रोबोटिक ब्लॉक भी बनाने का प्रस्ताव है। इसी तरह अंग प्रत्यारोपण यूनिट भी बनाने की तैयारी है।