माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। केजीएमयू में बिना अनुमति ड्यूटी से गायब रहने वाले कर्मचारियों की संख्या बढती जा रही है। इस पर केजीएमयू प्रशासन ने कड़ाई दिखाते हुए एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। साथ ही तय किया है कि छुुट्टी के लिए आवेदन वालों को मेडिकल बोर्ड से जांच करानी होगी।
केजीएमयू मेंं करीब 10 हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैंं। इसमें कुछ लोगों की ड्यूटी कोरोना मरीजों के इलाज ओर व्यवस्थाओं की निगरानी में लगी है। इसके अलावा अन्य लोग किसी न किसी बहााने गायब रह रहे हैं। बीमारी के बहाने बड़ी सख्या में लोग छट्टी ले रहे है। ये कर्मचारी निजी अस्पतालों का मेडिकल प्रमाण पत्र लगा रहे है। एक कर्मचारी कई दिनों सूचना दिए गायब थी, जिन्हे शनिवार को निलंबित कर दिया गया। अन्य को केजीएमयू के बोर्ड से जांच कराने का निर्देश दिया गया है।
ये हैं मेडिकल बोर्ड मे
मेडिकल बोर्ड में सीएमएस प्रो.एसएन शंखवार, प्रो. उमा सिंह, प्रो.आरएन श्रीवास्तव, प्रो.विवेक कुमार, प्रो. सुरेंद्र कुमार शामिल हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
केजीएमयू में इलाज से लेकर भर्ती करने तक की व्यवस्था है। जिन कर्मचारियों की तबीयत खराब होगी उनका इलाज कराया जाएगा और छुट्टी भी दी जाएगी। शासन की ओर से आपात स्थिति में बेवजह छुट्टी देने पर मनाही है।इसलिए रोक लगाई गई है। बाहरी मेडिकल मान्य नहींं होगा। मेडिकल बोर्ड से जांच के बाद ही छुट्टी दी जाएगी।
- आशुतोष कुमार द्विवेदी, कुलसचिव केजीएमयू