जकार्ता की धरती पर गूंजा जय श्री राम
लखनऊ। कहते हैं कि राम नाम की महिमा की कोई सीमा नहीं होती। इसका जीवंत प्रमाण हाल ही में इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में देखने को मिला। वहां राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में जकार्ता ब्राह्मण एसोसिएशन की ओर से पहली बार दो दिवसीय अखंड रामायण पाठ किया गया। 250 से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति और निरंतर चलते पाठ ने यह सिद्ध कर दिया कि संस्कार भौगोलिक सीमाओं के मोहताज नहीं होते। अध्यक्ष विजय पांडेय के नेतृत्व में उपाध्यक्ष उषाती मिश्रा, महासचिव कुशवेंद्र शर्मा और सलाहकार प्रकाश चतुर्वेदी की टीम ने मनमोहक प्रस्तुतियों से वातावरण राममय बना दिया। मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय दूतावास के प्रतिनिधि अमित मिश्रा और जवाहरलाल नेहरू भारतीय सांस्कृतिक केंद्र के डॉ. सुनील करमचंदानी पहुंचे। उन्होंने इसे भारत-इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक सेतु बताया।