लखनऊ सौर ऊर्जा के जरिये वैकल्पिक ऊर्जा का केंद्र बनेगा। लखनऊ में सबसे अधिक 63090.25 करोड़ रुपये का निवेश ऊर्जा के अतिरिक्त स्रोत में हो रहा है। दूसरे नंबर पर रियल एस्टेट में करीब 39269.90 करोड़ रुपये निवेश होना है। इससे राजधानी की आवासीय व व्यावसायिक जरूरतें पूरी हो सकेंगीं।
डीएम सूर्यपाल गंगवार ने प्रभारी मंत्री की समीक्षा बैठक में निवेश की जानकारी दी। उनका कहना है कि करीब 2.21 लाख करोड़ रुपये के करीब 15 निवेश प्रस्ताव लखनऊ को मिला है। वहीं नगरीय विकास के लिए 17502.60 करोड़ रुपये के प्रस्ताव निवेशकों ने दिए हैं। इससे शहर में अवस्थापना सुविधाएं बेहतर करने के लिए लखनऊ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में सहयोग मिलेगा। पर्यटन और चिकित्सा के क्षेत्र में भी क्रमश: 7998.80 करोड़ रुपये, 6440.37 करोड़ रुपये का निवेश आएगा। तकनीकी शिक्षा, वेयर हाउस, आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स में भी निवेश हो रहा है। कौशल विकास में प्रशिक्षण के लिए भी 4279 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसका सीधा फायदा युवाओं को मिलेगा। वन विभाग भी नाइट सफारी और दूसरे प्रोजेक्टों पर करीब 1400 करोड़ रुपये खर्च करने वाला है।
6.4 फीसदी निवेश लखनऊ में आया, 16 लाख को मिलेगा काम
प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना का कहना है कि लखनऊ निवेश के लिए निवेशकों को भाया है। प्रदेश के कुल निवेश का करीब 6.4 फीसदी निवेश प्रस्ताव लखनऊ को मिले हैं। निवेशकों ने 816 एमओयू लखनऊ के लिए विभिन्न विभागों के साथ किए हैं। इससे करीब 16.31 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार इस निवेश से सृजित होगा।
विकास की दिशा में कर रहे काम
प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विशेष निर्देश है कि विकास को प्राथमिकता पर रखा जाए। यही वजह है कि विकास योजनाएं पूरी तेजी से पूरी कराई जा रही हैं। पीएम आवास योजना में 97.5 ग्रामीण और 98.3 शहरी लक्ष्य को पूरा कर लिया गया है। आयुष्मान योजना 77 हजार लोगों को इलाज की सुविधा मिली। 1.17 करोड़ रुपये खर्च हुए। कायाकल्प योजना से स्कूलों की हालत सुधरी है। किसान सम्मान निधि में 85.9 फीसदी लोगों को पैसा मिल गया है।