लखनऊ। पांच वर्ष से नसबंदी का मुआवजा न मिलने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दिया है। वर्ष 2018 में काकोरी सीएचसी में महिला ने नसबंदी कराई थी। नसबंदी के बाद भी महिला ने बेटे को जन्म दिया था। पति ने बताया कि उन्होंने सीएचसी व सीएमओ कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन मुआवजा नहीं मिला। परिवार ने डीएम से भी गुहार लगाई थी, लेकिन समाधान नहीं हुआ। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. बीएन यादव ने मामले की जांच शुरू कराई है। कहा, जल्द ही पीड़ित परिवार को मुआवजा की राशि दी जाएगी।