यह भारत का अति महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, जहां पहले मालवाहक ट्रक को नेपाल प्रवेश करने में कई दिन लग जाते थे, जो अब घंटों में संभव होगा। इसके संचालन से भारत-नेपाल के व्यापार को गति मिलेगी। यह प्रोजेक्ट भारत-नेपाल मैत्री संबंध को और प्रगाढ़ करेगा। एक ही छत के नीचे कस्टम, आव्रजन, एसएसबी, नेपाल शस्त्र सुरक्षा बल व कई सुरक्षा एजेंसियों सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय संचालित होंगे।
जमुनहा सीमा पर भी बनेगा चेक पोस्ट
इसके साथ ही नेपाल सीमा पर स्थित रूपईडीहा के साथ जमुनहा सीमा क्षेत्र मे भी इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट का निर्माण होना है। राजदीप बिल्डकोन कंपनी पुणे की कम्पनी जमुनहा में आईसीपी का कार्य कराएगी। जिसका प्रारंभ में 170 करोड़ों रुपए का बजट है। इसमें कार्गो बिल्डिंग,क्वॉरेंटाइन,कस्टम,स्कैनर,सुरक्षाकर्मी भवन,कैंटीन आदि भवनों का निर्माण किया जाएगा।
जमुनहा इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी एपीएफ के हवाले रहेगी एवं भंसार उच्च अधिकारी आईसीपी के इंचार्ज होंगे.जिसके लिए भारत सरकार ने टेंडर पास कर दिया है। आइसीपी के पूर्ण रूप से फंक्शनल हो जाने पर लोगों को कई तरह के परेशानियों से मुक्ति मिल जाएगी। बॉर्डर क्षेत्र पर आये दिन हो रही जाम की समस्या से भी निजात मिल सकेगी।