सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि झांसी के नौजवान पुष्पेंद्र यादव की फर्जी एनकाउंटर में निर्मम हत्या पर पुलिस और सरकार का रवैया पूरी तरह संवेदनहीन बना हुआ है। आखिर भाजपा सरकार कब तक सच्चाई पर पर्दा डाले रहेगी ? जबकि सरकार को माननीय उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश से जांच करानी चाहिए।
अखिलेश ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि पुष्पेंद्र का तीन महीने पहले ही विवाह हुआ था। उसकी पत्नी बेहाल है। सदमे में दो दिन पहले ही पुष्पेंद्र की दादी की मौत हो गई। पूरा परिवार गहन शोक के साथ दहशत में भी है। क्षेत्र की जनता में भी भारी आक्रोश है।
बुंदेलखंड उपेक्षा का शिकार
सपा अध्यक्ष ने कहा, पुष्पेंद्र के परिवार से मिलने जाने के दौरान उन्हें बुंदेलखंड त्रासदी से दो-चार होना पड़ा। उन्होंने कहा कि बेतवा नदी पर जहां रपटा है, वहां सपा सरकार ने पुल स्वीकृत किया था। ढाई वर्ष में भाजपा सरकार ने इसे बनाने की दिशा में कोई काम नहीं किया।
सपा सरकार में अविरल जल प्रवाह के लिए चंद्रावल और लखैरी नदियों को पुनर्जीवित किया गया था। जल पुरुष राजेंद्र सिंह भी इसे देखने गए थे। यह भी उपेक्षा का शिकार हो गया। महोबा के चरखारी में सात तालाबों का जीर्णोद्धार किया गया था। इसका जिक्र राजपरिवार की महारानी ने किया था। इस समय बुंदेलखंड का नौजवान बेरोजगार है। तिल, दलहन, मोठ की फसलें बर्बाद हो गई हैं। भाजपा सरकार की नीति किसानों के पक्ष में नहीं है।