छात्रों को नवाचार और पेटेंट की जानकारी दी। फाइल फोटो
लखनऊ। इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) पर काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सहयोग से शनिवार को कार्यशाला हुई। इसमें युवा सशक्तीकरण पर जोर देते हुए युवाओं को नवाचार करने और उसको पेटेंट करने के लिए उत्साहित किया गया। डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि संस्थान के कई पेटेंट पाइप लाइन में हैं। संस्थान की अध्यक्ष आईआईसी प्रो. सीतालक्ष्मी के ने आईआईसी और इनक्यूबेशन सेंटर की ओर से किए जा रहे स्टार्टअप के सहयोग के बारे में बताया।डॉ. आलोक गुप्ता (पेटेंट अटॉर्नी) ने बौद्धिक संपदा अधिकार और उनके अलग-अलग क्षेत्र के बारे में जानकारी दी। अभय द्विवेदी (पेटेंट अटॉर्नी) ने पेटेंट व डिजाइन पेटेंट के ड्राफ्टिंग के बारे में जानकारी साझा की। अरुण कुमार राजोरा, सारांश चतुर्वेदी, पीडीवी श्रीकर, अदीब उद्दीन अहमद,प्रो संजय श्रीवास्तव, डॉ पुष्कर त्रिपाठी, प्रो. वीरेंद्र पाठक आदि उपस्थित थे।