विधान परिषद में एमएलसी का फर्जी हस्ताक्षर करके राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़े मुद्दे पर सूचना मांग ली गई। इस पर एमएलसी ने विरोध किया। सदन में पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों ने उच्चस्तरीय जांच कराने पर सहमति जताई। अधिष्ठाता डा. सरोजनी अग्रवाल ने जांच के आदेश दिए।
विधान परिषद में बुधवार दोपहर बाद चर्चा के दौरान नियम 111 (अविलंबनीय लोक महत्व पर) के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़ी सूचना लगाए जाने की जानकारी मिली। यह भाजपा एमएलसी विजय बहादुर पाठक के हस्ताक्षर से लगाई गई थी। पाठक ने सूचना की कापी निकलवाई। देखा तो उस पर उनके फर्जी हस्ताक्षर थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन में कोई गैंग कार्य कर रहा है, जो सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर कर सूचना लगा रहा है। उन्होंने इस मामले को सदन में उठाते हुए एतराज जताया। विपक्ष के सदस्यों ने भी चुटकी ली। इस मामले पर दोनों पक्षों में आम राय बनी कि प्रकरण की जांच कराई जाए। अधिष्ठाता डा. सरोजनी अग्रवाल ने पूरे प्रकरण की जांच कराने के लिए सरकार को निर्देश दिए।