सूचना का अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी न देने पर जिला विद्यालय निरीक्षक उमेश कुमार त्रिपाठी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
इसकी वसूली जिलाधिकारी द्वारा डीआइओएस के वेतन से की जाएगी। तीन किश्तों में 30 नवंबर 2013 तक यह जुर्माना वसूला जाएगा।
आरआईडी इंटर कॉलेज सीतापुर के प्रवक्ता प्रेम प्रकाश दीक्षित ने 28 मार्च 2011 को डीआइओएस लखनऊ उमेश कुमार त्रिपाठी से तीन बिंदुओं पर सूचना मांगी थी।
सूचना न मिलने पर 16 मई को वादी की तरफ से प्रथम अपील प्रस्तुत की गई।
प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा भी निस्तारण न किए जाने पर प्रेम प्रकाश ने 12 सितंबर को आयोग में दूसरी अपील दाखिल की।
एक मई 2012 को डीआइओएस को सूचनाएं देने के लिए आयोग की तरफ से नोटिस जारी की गई।
तीन सप्ताह का समय दिया गया लेकिन फिर भी डीआइओएस द्वारा वादी प्रेम प्रकाश दीक्षित को उनके द्वारा मांगीं गई सूचनाएं नहीं दी गईं।
इसके बाद इस वाद में दो और तारीखें पड़ीं लेकिन प्रतिवादी की ओर से न ही कोई आयोग के समक्ष प्रस्तुत हुआ और न ही वादी को सूचना दी गई।
धीरे-धीरे दो साल चार माह का समय बीत गया लेकिन वादी को सूचनाएं नहीं दी गईं।
आखिरकार 12 जुलाई 2013 को आयोग में सुनवाई के दौरान डीआइओएस पर 25000 रुपये का जुर्माना लगा दिया।
इस जुर्माने को डीआइओएस के वेतन से काटा जाएगा।