लखनऊ के सचिवालय स्थित कोऑपरेटिव बैंक में 8 नवंबर के बाद बंद हो चुके 500 और 1000 के नोट से कर्मियों के नाम फिक्स डिपॉजिट (एफडी) कराने वाले अफसर आयकर विभाग की छापामारी के बाद फंस गए हैं। आयकर विभाग ने मंगलवार को कुल 65 एफडी खाताधारकों को नोटिस जारी किया।
आयकर अफसरों की जांच में पता चला है कि इस बैंक में पुराने नोट से एफडी कराने के लिए घालमेल किया गया है। इन सबको 15 दिन के भीतर आयकर महानिदेशक कार्यालय में पहुंचकर जवाब देना होगा।
आयकर अफसरों की टीम ने सोमवार को खुफिया सूचना के आधार पर कोऑपरेटिव बैंक में छापा मारा था। करीब छह घंटे तक जांच के बाद नवंबर में दो लाख और इससे अधिक रकम की एफडी कराने वाले खाताधारकों का ब्योरा जब्त किया।
बड़े अफसरों के चक्कर में फंसे कर्मी
डेमो पिक
- फोटो : income tax
मंगलवार को पूरी जांच के बाद घालमेल का खुलासा हुआ तो आयकर विभाग ने इन एफडी खाताधारकों को नोटिस भेजना शुरू किया है। नोटिस के जवाब में एफडी कराने वालों को इस रकम का स्रोत बताना होगा। सूत्रों के अनुसार एफडी करने की तारीख में गड़बड़ी पाई गई तो बैंक कर्मियों पर कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा।
आयकर विभाग के सूत्रों का कहना है कि फौरी जांच में पता चला कि सचिवालय के बड़े अफसरों के चक्कर में एफडी कराके कर्मचारी फंस गए हैं। इनमें से कई तो अफसरों के ड्राइवर हैं। इन्होंने 1000 एवं 500 के नोट बंद होने के बाद एफडी कराई है।