लखनऊ। एसजीपीजीआई के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के छात्र डॉ. मनमोहन सिंह फेल किए जाने को लेकर देर रात अनशन पर बैठ गए। डॉ. मनमोहन का आरोप है कि संकाय सदस्यों ने उन्हें जानबूझकर फेल किया। उन्होंने शुक्रवार को दिन में ही चेतावनी दी थी कि उनकी कॉपी दोबारा पैनल से नहीं जंचवाई गई तो परिसर में अनशन शुरू करेंगे। उनके समर्थन में रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन भी उतर आया है। डॉ. मनमोहन ने मुख्यमंत्री और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को भी पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संकाय सदस्य उनसे खुन्नस रखते हैं। इसकी वजह से उन्हें फेल कर दिया गया। वे लगातार अपनी कॉपी पैनल के जरिए जंचवाने की मांग कर रहे हैं। वह कहते रहे हैं कि कॉपी सार्वजनिक की जाए और पैनल के सामने रखी जाए तो उनके साथ हुई नाइंसाफी का खुलासा हो जाएगा। उन्होंने संबंधित पत्र पर खुली डिबेट कराने की भी चुनौती दी है। दिन में भी उन्होंने कहा था कि जानबूझकर फेल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई और उनकी कॉपी सार्वजनिक नहीं की गई तो वे परिसर में ही आमरण अनशन शुरू करेंगे। देर शाम पीजीआई के अन्य रेजिडेंट डॉक्टर भी उनके समर्थन में आ गए। वहीं देर रात डॉ. मनमोहन अनशन पर बैठ गए। निदेशक डॉ.आरके धीमान ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। छात्र के कॅरियर से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। संस्थान के नियमों के तहत अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।