अयोध्या में नई टाउनशिप के लिए अधिगृहित की गई माझा-बरहेटा गांव के किसानों की जमीन का मुआवजा ग्रामीण दर से ही दी जाएगी। अब तक इस जमीन का मुआवजा शहरी दर से देने की बात हो रही थी। जिसका किसान विरोध कर रहे थे। किसानों के विरोध को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। इससे संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी दे दी है।
बता दें कि अयोध्या में आवास विकास परिषद ने नई टाउनशिप के लिए कृषि जमीन का अधिग्रहण किया है। इसमें माझा-बरहेटा के किसानों की भी जमीन ली गई है। इसलिए पहले इस जमीन के मुआवजा का दर ग्रामीण दर पर मंजूर किया गया था। इसी बीच नगर विकास विभाग ने अयोध्या नगर निगम का सीमा विस्तार किया तो माझा-बरहेटा का रकबा शहरी सीमा में शामिल हो गया।
लिहाजा इस जमीन के मुआवजा का दर शहरी दर से होने के कारण काफी कम हो गया। इसलिए किसान इसका विरोध करने लगे थे। इसके मद्देनजर अब तय किया गया है कि माझा-बरहेटा के किसानों की जमीन भले ही शहरी सीमा में शामिल हो गया है, लेकिन उसका मुआवजा पूर्व की भांति यानि सर्किल दर से चार गुना अधिक की दर से दिया जाएगा।
पांच मेगा परियोजनाओं को एलओसी जारी करने को हरीझंडी
राज्य सरकार ने प्रदेश में पांच मेगा परियोजनाओं को लेटर ऑफ कंफर्ट (एलओसी) जारी करने को हरी झंडी दे दी है। जिन औद्योगिक इकाइयों को एलओसी जारी किए जाने हैं उनमें पूर्वांचल क्षेत्र में बाराबंकी व अमेठी में एसएलएमजी बेवरेजेज प्रा. लि. पश्चिमांचल में मथुरा में जे.के. पेंट्स एंड कोटिंग्स लि., अलीगढ़ में राधा रुक्मणी स्टील्स प्रा. लि.तथा हापुड़ में मून बेवरेजेज प्रा. लि. शामिल हैं। औद्योगिक निवेश एवं प्रोत्साहन नीति 2017 एवं नियमावली के अंतर्गत मेगा परियोजनाओं को सुविधाओं और रियायतों के लिए गठित इम्पावर्ड कमेटी की सिफारिश पर इन इकाइयों को एलओसी जारी करने का निर्णय किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई कैबिनेट की बैठक में एलओसी जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। पांचों औद्योगिक इकाइयों द्वारा 3,266 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इससे लगभग 2,500 रोजगार सृजन की संभावना है। इसके अलावा कैबिनेट ने पश्चिमांचल क्षेत्र के मथुरा में पेप्सिको होल्डिंग्स प्रा. लि. को पूर्व ेमें जारी एलओसी में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।
कोविड से प्रभावित परियोजनाओं को छह माह का अतिरिक्त समय
कैबिनेट ने कोविड महामारी के प्रतिकूल वातावरण से प्रभावित रही परियोजनाओं को पूरा करने और वाणिज्यिक उत्पादन के लिए छह माह का अतिरिक्त समय देने का फैसला भी किया है। उ.प्र. औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2017 के तहत सभी श्रेणी की परियोजनाओं के लिए पात्र निवेश अवधि की सीमा तय है। कैबिनेट के फैसले के अनुसार ऐसी परियोजनाएं जिनमें निवेश प्रारंभ करने की तिथि (कट ऑफ डेट) 22-03-2020 से पूर्व है, को पूरा करने के लिए छह माह का अतिरिक्त समय विस्तार प्रदान किया जाए। जिन परियोजनाओं में निवेश की पात्र अवधि 22-03-2020 से पहले पूरी हो चुकी है उन्हें समय विस्तारीकरण की सुविधा नहीं मिलेगी। फैसले के मुताबिक ऐसी परियोजनाएं जिनमें निवेश प्रारंभ करने की तिथि (कट ऑफ डेट) 22-03-2020 से 21-09-2020 के बीच है, को छह माह का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। ऐसी परियोजनाएं जिनमें निवेश प्रारंभ करने की तिथि (कट ऑफ डेट) 21-09-2020 के बाद है, उन्हें कोई अतिरिक्त समय विस्तार नहीं दिया जाएगा।