लखनऊ। इमाम हसन की विलादत के अवसर पर शायरी की महफिल सजाई गई। साथ ही एकता, मोहब्बत व इंसानियत का संगम देखने को मिला।
मुकद्दस महफिल का आगाज मौलाना मो. मियां आब्दी की मौजूदगी में नमाज-ए-जमात से हुआ। इसके बाद इफ्तारी हुअर। मौलाना कल्बे जवाद, मौलाना जावेद हुसैन नजफी, मौलाना सैयद नेहाल समेत कई धर्मगुरु व अम्बर फाउंडेशन के संस्थापक वफ़ा अब्बास उपस्थित रहे। इस मौके पर मशहूर शायरों ने इमाम हसन की शान में नात व मनकबत पेश की। इससे महफिल रूहानियत की खुशबू से भर गई। कार्यक्रम में सुप्रीम रिलीजियस अथॉरिटी आफ्ताबे शरीयत मौलाना डॉ. कल्बे जवाद नकवी ने इस मौके पर इल्मी व जज्बाती लहजे में खिताब किया। उन्होंने इमाम हसन की सीरत, उनके सब्र, मकसद व इंसानियत के पैगाम को बयान किया। इमाम हसन की जिंदगी मोहब्बत, अमन और इंसाफ की बेहतरीन मिसाल है। जलसे को और भी खास बनाने के लिए इमाम हसन के आलीशान दस्तरख्वान का एहतमाम किया गया। इजहार आब्दी ने कहाकि इमाम हसन की सीरत हमें अमन, मोहब्बत और इंसाफ का सबक देती है।