फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेल की रोटी खानी है तो आउटलेट पर आइए : कुंडली में जेल योग है तो मुक्ति के लिए ज्योतिषी देते हैं ये रोटी खाने की सलाह

Tue, 07 Jun 2022 01:25 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव सैयद यासिर रजा, अमर उजाला, लखनऊ

सार

कुछ दिन पहले लखनऊ के एक बड़े स्कूल की प्रधानाचार्य अपने बेटे की कुंडली में दोष का हवाला देते हुए जेल पहुंची थीं। वे एक अदद रोटी के लिए मिन्नतें करने लगीं। उनके अनुरोध को जेलर से बताया गया और फिर उन्हें जेल में बनी रोटी उपलब्ध कराई गई।
विज्ञापन
जेल की रोटी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कहावत है कि जिसकी कुंडली में जेल जाने का दोष हो तो जेल में बनी रोटी खाने से वह दूर हो जाता है। ज्योतिषी भी इस दोष को दूर करने के लिए जेल की रोटी खाने की सलाह देते हैं। अधिकांश लोग इसे अंधविश्वास मानेंगे मगर हकीकत यह है कि अपनी-अपनी पहुंच के हिसाब से लोग जेल की एक अदद रोटी के लिए सिफारिशें तक लगवाते हैं। मगर ‘जेल की रोटी’ खाने के लिए अब सिफारिश की जरूरत नहीं पडे़गी।

विज्ञापन


दरअसल, प्रदेश की जेलों में जेल विभाग जल्द ही अपना आउटलेट खोलने जा रहा है। इन आउटलेट पर जेलों में बनने वाले तमाम उत्पादों के साथ-साथ जेल की रोटी भी उपलब्ध होगी। यह ऑन डिमांड और ताजी मिलेगी। जेल विभाग इसकी न सिर्फ ब्रांडिंग करेगा बल्कि कीमत भी वसूल करेगा। यहां से होने वाली आमदनी को जेल की व्यवस्था को सुधारने में लगाया जाएगा। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्द ही जिलों की जेल परिसर में ही आम लोगों के लिए यह आउटलेट खुलेगा। हालांकि जेल विभाग की इस योजना का कुंडली वाले ‘जेल योग’ से कोई लेना-देना नहीं है।

सिफारिश लगाने वालों में अफसर भी
जेल महकमे के एक अधिकारी के मुताबिक, हर महीने एक जेल में तीन से चार लोग अपने परिवार के साथ आते हैं और जेल के अंदर बनी रोटी खाने की इच्छा जाहिर करते हैं। कुछ सिफारिश लगवाकर आते हैं तो कुछ सीधे आकर अपनी या बच्चों की कुंडली में कारागार दोष का हवाला देकर रोटी खिलाने का अनुरोध करते हैं। सिफारिश लगवाने वालों में पुलिस और प्रशासन के बड़े-बड़े अफसरों के साथ-साथ न्याय विभाग के अधिकारी भी होते हैं, जो अपनी कुंडली का दोष जाहिर नहीं होने देना चाहते, वे खाना चेक करने के बहाने जेलों में आते हैं और यहां की रोटी खाकर जाते हैं। कई ऐसे होते हैं, जिनके साथ परिवार के सदस्य भी होते हैं। इससे ऐसा लगता है कि वे कुंडली दोष के कारण रोटी खाने आए थे।
विज्ञापन


जेल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ दिन पहले लखनऊ के एक बड़े स्कूल की प्रधानाचार्य अपने बेटे की कुंडली में दोष का हवाला देते हुए जेल पहुंची थीं। वे एक अदद रोटी के लिए मिन्नतें करने लगीं। उनके अनुरोध को जेलर से बताया गया और फिर उन्हें जेल में बनी रोटी उपलब्ध कराई गई।

‘जल्द ही प्रदेश के विभिन्न कारागार परिसर में जेल विभाग अपना आउटलेट खोलेगा। इसका उद्देश्य जेलों में बनने वाले उत्पादों की मार्केटिंग करना और उसे बढ़ावा देना होगा। अगर लोग जेल की रोटी मांगते हैं तो यह भी उपलब्ध कराई जाएगी।’
विज्ञापन

- आनंद कुमार, डीजी कारागार

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें