श्रावस्ती। जिले में मवेशियों को चिह्नित करने के लिए उनकी ईयर टैगिंग हो रही है। हालांकि पशुपालकों के रूचि न लेने से यह काम परवान नहीं चढ़ रहा है। ऐसे में पशुपालन विभाग ने बिना टैगिंग वाले पशु के पालकों को योजनाओं का लाभ न देने का मन बनाया है।
छुट्टा मवेशियों से जिले को मुक्त करने व पशुओं का सही आंकड़ा तैयार करने के लिए पशु पालन विभाग की ओर से पशुओं का ईयर टैगिंग हो रही है। जिले में स्थित 67 गोआश्रय में संरक्षित 15 हजार से अधिक पशुओं की टैगिंग हो चुकी है। अब पशु पालकों के पशुओं की टैगिंग होनी है। हालांकि पशुपालकों की आनाकानी से यह काम अधूरा है। अब विभाग सख्त रुख अपनाने जा रहा है। सीवीओ डॉ. मानव ने बताया कि ईयर टैगिंग न करवाने वाले पशुपालकों को राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं दिया जाएगा। पशुओं का टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान जैसे लाभ पशुपालकों को नहीं मिल सकेंगे। वहीं बिना टैग नंबर के पशुओं का परिवहन नहीं किया जा सकेगा। वहीं दैवीय आपदा में मृत पशुओं की क्षतिपूर्ति भी नहीं मिल सकेगी।