रायबरेली। बेसिक शिक्षा विभाग में शुरू किए गए पायलट प्रोजेक्ट के एक महीने बीतने के बाद भी प्रगति नाकाफी मिलने पर उच्चाधिकारी नाराज हैं। इस पर अमल कराने के लिए राज्य परियोजना कार्यालय ने तेजी दिखानी शुरू कर दी है। शुक्रवार को हुई ऑनलाइन समीक्षा बैठक में साफतौर पर कह दिया गया कि हर हाल में सभी विद्यालयों में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति शुरू कराएं, वरना अधिकारी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
यही नहीं पंजिकाओं का डिजिटलाइजेशन कराने पर जोर दिया। यह भी संकेत दिए कि ऑनलाइन हाजिरी का विरोध करने वालों पर अगले महीने से कार्रवाई शुरू हो जाएगी। शिक्षकों के साथ ही लापरवाही बरतने वाले खंड शिक्षा अधिकारी भी कार्रवाई से नहीं बच पाएंगे। परिषदीय विद्यालयों की 12 पंजिकाओं के डिजिटलाइजेशन के लिए एक महीने पहले शुरू किया गया पायलट प्रोजेक्ट पूरी तरह जमीन पर उतर नहीं सका है। शिक्षकों का विरोध बाधा बना हुआ है।
राज्य परियोजना कार्यालय ने बीएसए, डीसी और बीईओ के आनलाइन समीक्षा बैठक की। अपर राज्य परियोजना निदेशक रोहित त्रिपाठी ने हर जिले की प्रगति पर चर्चा की और लापरवाही बरतने वालों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि सबसे अहम बात टैबलेट को सक्रिय करना है।
सभी विद्यालयों में टैबलेट चालू कराएं और उन पर स्टाफ और बच्चों का प्रोफाइल तैयार करें। पंजिकाओं का डिजिटलाइजेशन कराएं। पायलट प्रोजेक्ट को अमल में लाने के लिए तेजी दिखाए। अब किसी तरह की लापरवाही नहीं चलेगी। सभी बीईओ इसे गंभीरता से लें।
जिले के परिषदीय विद्यालयों को उपलब्ध कराए गए 3762 टैबलेट में सिर्फ 50 फीसदी यानी 1881 टैबलेट चालू हुए हैं। आधे टैबलेट यानी 1881 टैबलेट अभी तक डिब्बों में बंद हैं।
सभी टैबलेट की होगी मैपिंग, जिससे पता चलेगी सक्रियता
परिषदीय विद्यालयों को उपलब्ध कराए गए सभी टैबलेट की मैपिंग कराई जाएगी। इन टैबलेट को बीएसए लॉगिन से मैप कराया जाएगा। इसके जरिए बीएसए दफ्तर पता कर सकेंगे कि कौन सा टैबलेट सक्रिय है। किस टैबलेट पर कितनी पंजिकाओं पर काम चल रहा है।
जिला समन्वयक (एमआईएस) अविलय सिंह ने बताया कि कौन टैबलेट चालू नहीं हो सके हैं या फिर उनका उपयोग नहीं किया जा रहा है, इसका पता भी चल सकेगा। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि राज्य परियोजना कार्यालय से आनलाइन समीक्षा हुई है। सभी टैबलेट को चालू कराए जाएंगे।