रायबरेली। राज्य परियोजना कार्यालय से आई दो टीमों ने मंगलवार को जिले में विभागीय कार्यालयों के कामकाज, रखरखाव, परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक स्तर, भोजन की गुणवत्ता, निपुण लक्ष्य की प्रगति के बारे में जानने की कोशिश की। पूरा दिन चले निरीक्षण के बाद शाम को हुई बैठक में टीम ने हर एक बिंदु पर समीक्षा की। सबसे ज्यादा जोर निपुण लक्ष्य पर रहा, जिसकी धीमी गति पर नाराजगी जताई और तेजी लाने को कहा। उन्होंने साफतौर पर कहा कि दिसंबर तक लक्ष्य को पूरा करना सबकी जिम्मेदारी है। कहा कि बच्चे नियमित स्कूल नहीं आएंगे तो निपुण लक्ष्य कैसे पाएंगे
महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद के निर्देश पर राज्य परियोजना कार्यालय के वरिष्ठ विशेषज्ञ आनंद कुमार पांडेय, एमडीएम के सहायक उप निदेशक पंकज यादव और निपुण सेल के दो सदस्य यहां पहुंचे। इसमें आनंद के नेतृत्व वाली टीम ने नगर क्षेत्र, अमावां, बछरावां, शिवगढ़ में निरीक्षण किया, जबकि पंकज के नेतृत्व वाली टीम डलमऊ में मुआयना करने पहुंची। नगर क्षेत्र के गोरा बाजार स्थित विद्यालय में कंपोजिट ग्रांट के अभिलेख में कमी मिली। अमावां के कंपोजिट विद्यालय सोथी में पठन-पाठन को परखा। अधिकारियों की दोनों टीमों ने योजनाओं और कार्यक्रमों की जमीनी हकीकत देखने का प्रयास किया।
जिले के विभागीय अधिकारियों ने सब कुछ अच्छा दिखाने की कोशिश की, लेकिन टीम ने कई खामियां पकड़ीं। टीम ने कहा कि निरीक्षण आख्या राज्य परियोजना कार्यालय को सौंपी जाएगी। निरीक्षण के बाद डायट में हुई बैठक में टीम ने बच्चों की उपस्थिति कम होने पर नाराजगी जताई। कहा कि बच्चे नियमित स्कूल नहीं आएंगे तो निपुण लक्ष्य कैसे पाएंगे। डायट प्राचार्य शेषबाला और बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। निरीक्षण में डीसी एमआईएस अविलय सिंह, बीईओ बृजलाल, गौतम प्रकाश, वरुण मिश्रा, केके त्रिपाठी मौजूद रहे। बैठक में सभी डीसी, बीईओ, एसआरजी, एआरपी, डायट प्रवक्ता शामिल रहे।
शिवगढ़। ब्लाक संसाधन केंद्र पहुंची वरिष्ठ विशेषज्ञ आनंद पांडेय के नेतृत्व वाली टीम ने अभिलेखों का परीक्षण किया। प्राथमिक विद्यालय रुद्रपुर और प्राथमिक विद्यालय भौसी का निरीक्षण किया। पठन-पाठन और शैक्षिक गुणवत्ता परखने के लिए बच्चों से सवाल पूछे, जिस पर ज्यादातर बच्चों ने सही जवाब दिए। कक्षा दो की छात्रा स्मृति गुप्ता ने कविता सुनाई तो उसे ईनाम भी दिया। टीम ने कहा कि हर हाल में निपुण लक्ष्य प्राप्त करना है। इसके लिए बच्चों को अच्छी शिक्षा दी जाए। किसी तरह की लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
बछरावां। वरिष्ठ विशेषज्ञ आनंद पांडेय के नेतृत्व में आई टीम ने कंपोजिट विद्यालय खैरहनी का निरीक्षण किया तो तीन शिक्षक गैरहाजिर मिले। सुबह पहुंच गई टीम करीब एक घंटे तक विद्यालय में रुकी। पंजीकृत 270 में से 160 बच्चे उपस्थित मिले। यहां नौ लोगों का स्टाफ है। टीम ने निपुण व चहक कार्यक्रम की प्रगति, लाइब्रेरी, शौचालय, किचन, साफ-सफाई का मुआयना किया। शिक्षकों की गैरहाजिरी और बच्चों की कम उपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए फटकार लगाई। प्राथमिक विद्यालय सुदौली में संकुल बैठक में टीम ने भाग लिया। संकुल शिक्षकों, अभिभावकों, बच्चों से संवाद किया। शिक्षकों से कहा कि बच्चों को भाषा और गणित में दक्ष बनाने के लिए निपुण लक्ष्य तय समय से पहले प्राप्त करना है। शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान दें। कोई लापरवाही नहीं चलेगी।
डलमऊ। विकास क्षेत्र में मध्याह्न भोजन के सहायक उप निदेशक पंकज यादव के नेतृत्व वाली टीम ने निरीक्षण किया। इस दौरान कंपोजिट विद्यालय भरसना और प्राथमिक विद्यालय तेलियानी में पठन-पाठन, मध्याह्न भोजन, निपुण लक्ष्य के बारे में जानकारी ली। भरसना में बच्चों की उपस्थिति कम मिलने पर नाराजगी जताई। दोनों स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता परखी और बच्चों से भी पूछा कि एमडीएम ठीक मिल रहा है या नहीं। टीम ने खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बैठक कर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। टीम ने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ एमडीएम में पौष्टिक भोजन दिया जाए। इसमें लापरवाही न बरती जाए।