श्रावस्ती। बारिश व उमस भरी गर्मी से त्वचा रोग के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बारिश व गर्मी से शरीर पर फोड़े-फुंसियां निकल रही हैं। चिकित्सकों ने लोगों को सफाई अपनाने के साथ ही बाढ़ व बारिश में ना भीगने की सलाह दी है।
उमस भरी गर्मी व बारिश के साथ ही बाढ़ के पानी के ठहराव से मौसम व जल जनित बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं। संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपांकर तिवारी के पास बुधवार को आए 75 में से 45 मरीज फोड़े-फुंसी व दाद रोग से ग्रसित थे। उन्होंने बताया कि उमस भरी गर्मी में पसीने से त्वचा पर नमी बनी रहती है। जिससे खुजली होने लगती है। वहीं बारिश व बाढ़ के दूषित पानी में भीगने से त्वचा पर फोड़े-फुंसी निकल रहे हैं। चिकित्सकों ने सलाह दी कि सफाई का विशेष ध्यान रखें। संभव हो तो सुबह-शाम को पानी में एंटीसेप्टिक लोशन मिलाकर स्नान करें। इसी के साथ बारिश व बाढ़ के पानी में भीगने से बचें। त्वचा पर खुजलीदार चकत्ते व छोटी-छोटी फुंसियां दिखे तो चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।