राही (रायबरेली)। पूर्व मंत्री एवं सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने सोमवार को ब्लॉक क्षेत्र के सकरा मजरे रतनसीर में अशोक स्तंभ का लोकार्पण किया। इस दौरान राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल होने के सवाल पर कहा कि आवश्यकता पड़ने पर कहीं भी वह न्याय यात्रा में शामिल हो सकते हैं।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा देने के बाद पहली बार सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए स्वामी प्रसाद मौर्य सकरा मजरे रतनसीपुर गांव पहुंचे थे। इस मौके पर राजेश मौर्या, दिनेश कुमार मौर्या, रामपाल मौर्या, अखिल भारतीय मौर्य महासभा के जिला अध्यक्ष अभिषेक मौर्या उपाध्यक्ष सुनील मौर्या, महासचिव धुन्नी मौर्या, पूर्व कोआपरेटिव अध्यक्ष शत्रोहन मौर्य आदि मौजूद रहे।
स्वामी के बयान से सियासी हलकों में हलचल
रायबरेली। सपा का राष्ट्रीय महासचिव का पद छोड़ने के बाद पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य का रुख जानने में राजनीतिक हलकों में बेचैनी है। अशोक स्तंभ के लोकार्पण को दौरान जिस तरह स्वामी प्रसाद ने भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल होने की बात कही है, उससे रायबरेली की राजनीति में हलचल है। क्या स्वामी प्रसाद कोई बड़ा फैसला लेने जा रहे हैं, इसे लेकर भी कयास लग रहे हैं।
गौरतलब है कि जब कभी स्वामी प्रसाद मौर्य ने बड़ा फैसला लिया तो उससे पहले संकेत दिए। बसपा छोड़ी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों की प्रशंसा की, जबकि पहले वह प्रधानमंत्री के विरोधी थे। इसी तरह सपा में शामिल हुए तो सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के राजनीतिक सफर पर अपनी बेबाक राय दी थी। अब जिस तरह से भारत जोड़ो न्याय यात्रा को लेकर स्वामी प्रसाद ने बयान दिया है उसके सियासी अर्थ निकाले जा रहे हैं।