लखनऊ। केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में सांस के गंभीर रोगियों के लिए सोमवार को आईसीयू का उद्घाटन कुलपति ले. जनरल डॉ. बिपिन पुरी ने किया। इससे गंभीर मरीजों के इलाज में आसानी होगी। इस मौके पर कुलपति ने कहा कि बढ़ते शहरीकरण, प्रदूषण और धूम्रपान से सांस की बीमारियां लगातार बढ़ रही हैं। कई बार मरीज की स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि उसे आईसीयू की जरूरत होती है। अभी तक रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग की ओपीडी में आने वाले कम गंभीर मरीजों के इलाज की सुविधा कस्तूरबा चेस्ट हॉस्पिटल में उपलब्ध थी, लेकिन अतिगंभीर मरीजों को इलाज के लिए अन्य विभागों में भेजना पड़ता था। इससे मरीजों कोे असुविधा होती थी। रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के हेड डॉ. सूर्यकांत ने बताया कि विभाग में आईसीयू शुरू हो जाने से अति गंभीर मरीजों को दूसरे विभाग नहीं भेजना पड़ेगा। इससे इलाज आसान होगा। इस मौके पर विवि के उपकुलपति डॉ. विनीत शर्मा, सीएमएस डॉ. एस.एन. शंखवार, इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. हैदर अब्बास एवं अन्य चिकित्सक मौजूद रहे। इस अवसर पर डॉ. सूर्यकांत ने बताया कि रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग इस साल अपना 75वां प्लेटिनम जुबली स्थापना वर्ष मना रहा है। इसको देखते हुए विभाग ने 75 शैक्षणिक व सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करने का निश्चय किया है।