लखनऊ के हजरतगंज इलाके में मृत पाए गए आईएएस अफसर अनुराग तिवारी (35) के भाई आलोक का आरोप है कि अनुराग ने अपने विभाग में 2000 करोड़ रुपये का घोटाला पकड़ा था और इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों और कर्नाटक सरकार से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उल्टा फूड एंड सप्लाई विभाग के सचिव व अन्य आला अधिकारी अनुराग से नाराज हो गए। उन पर घोटाले को दबाने व शिकायत वापस लेने का भी दबाव पड़ रहा था। हालांकि, अनुराग ने घोटाले से संबंधित फाइल सीबीआई को भेजते हुए जांच कराने की मांग की थी।
ईमानदारी की वजह से गंवानी पड़ी जान
परिवारीजनों का कहना है कि घोटाले की शिकायत से नाराज अधिकारियों और कर्नाटक सरकार ने मिलकर अनुराग की हत्या की साजिश रची है। आलोक के मुताबिक उनका भाई सिस्टम से लड़ रहा था। अपनी ईमानदारी की वजह से ही उन्हें जान से हाथ धोना पड़ा।
जान पर खतरे की आशंका थी
बकौल आलोक, अनुराग को अपनी जान पर खतरे की आशंका थी, इसलिए उन्होंने केंद्र सरकार को अपना काडर बदलने के लिए आवेदन भी दिया था। हालांकि, सरकार ने उसकी सुनवाई नहीं की।
विभागीय उठापटक, रंजिशों और मानसिक तनाव के चलते करीब एक महीने पहले उन्होंने चार सप्ताह की छुट्टी मांगी थी जिसे कर्नाटक सरकार ने नामंजूर कर दिया। परिवारीजनों ने अनुराग की मौत की गहराई से जांच कराने की मांग की है। आलोक ने पोस्टमार्टम में तथ्यों की हेराफेरी कर रिपोर्ट मैनेज करने की भी आशंका जताई।
जन्मदिन पर आई मौत की खबर
अनुराग का बुधवार को जन्मदिन था। परिवारीजनों में इसको लेकर खासा उत्साह था। घर पर महामृत्युंजय का पाठ रखा गया था, लेकिन पाठ शुरू होने से पहले ही उनकी मौत की खबर आ गई। इससे परिवारीजनों में ही नहीं, आस-पड़ोस में भी सदमा छा गया। मां सुशीला बेहोश होकर गिर पड़ीं।
अनुराग के पिता बीएन तिवारी बहराइच के किसान डिग्री कॉलेज से फिजिक्स के रिटायर्ड प्रोफेसर हैं। अनुराग के दो बड़े भाई आलोक व मयंक इंजीनियर हैं। आलोक मुंबई व मयंक दिल्ली में रहते हैं।
मसूरी से आईएएस के तीसरे फेज की कर रहे थे ट्रेनिंग
आईएएस अनुराग के परिजन
बीएन तिवारी ने बताया कि अनुराग इन दिनों मसूरी स्थित ट्रेनिंग अकादमी से आईएएस के तीसरे फेज की ट्रेनिंग कर रहा था। वह शुक्रवार को छुट्टी लेकर बहराइच आया था। दो दिन रुकने के बाद रविवार को लखनऊ चला गया।
यहां उसके बैच के कई अधिकारी व पुराने दोस्त थे जिनसे मुलाकात करनी थी। एसएसपी एसटीएफ अमित पाठक भी उसके साथ के पढ़े हुए हैं। सिविल अस्पताल की मर्च्युरी में वह सुबह से ही मौजूद रहे और परिवारीजनों को सांत्वना दी।
पत्नी से था विवाद, चल रहा था तलाक का केस
अनुराग की शादी कानपुर में दंगे में मारे गए एडीएम सीपी पाठक की बेटी अरुणिमा से वर्ष 2008 में हुई थी। अरुणिमा कानपुर के एक बैंक में नौकरी करती हैं। शादी के चंद दिनों बाद ही दोनों के बीच तनाव हो गया और अरुणिमा मायके चली गईं। उन्होंने तलाक का केस दायर किया था।