बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन ने कहा है कि संघ हमारी मातृ संस्था है। मुझे इससे बहुत प्रेरणा मिली है, मैं आज जो भी हूं वो संघ की प्रेरणा से। मैं यहां आना-जाना बंद नहीं कर सकता। भले ही इसके लिए मुझे पद को छोड़ना ही क्यों न पड़े। वे शनिवार को सरसवां, अर्जुनगंज में भाऊराव देवरस सेवा न्यास के प्रकल्प महामना शिक्षण संस्थान के नए भवन के भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के बाद संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर संघ के सर सह कार्यवाहक कृष्ण गोपाल भी उपस्थित थे।
लालजी टंडन ने कहा कि कार्यक्रम में आने से पहले एक व्यक्ति ने कहा कि आपका राज्यपाल होने की वजह से वहां जाना उचित होगा? इस पर मैंने उनसे कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो इस्तीफा लिख दूंगा लेकिन संघ में या वहां के कार्यक्रमों में जाना बंद नहीं करूंगा। उन्होंने भाऊराव देवरस की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे एक दुर्लभ शिल्पी थे। जो लोहे को छूकर सोना कर दे, देवरस एक ऐसे पारस थे।
उन्होंने कहा कि भाऊराव सिर्फ संघ तक ही सीमित नहीं रहे बल्कि उन्होंने देश के भीतर तमाम ऐसे अनुशासनिक संगठन खड़े किए जिनसे जुड़े हुए करोड़ों लोग आज भारत माता की सेवा कर रहे हैं। उनका न्यास को खड़ा करने में महान योगदान रहा। उन्होंने कहा कि इस संस्था के कई उद्देश्य हैं जिससे आने वाले समय में लाखों लोग लाभान्वित होंगे। राज्यपाल ने कहा कि महापुरुषों के नाम से शुरू की जा रही इस योजना में शामिल होने का अवसर मिला यह मेरा सौभाग्य है।
इस अवसर पर संघ के सर सह कार्यवाहक डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि संघ को उत्तर प्रदेश में स्थापित करने वाले भाऊराव ही थे जो अशोक सिंघल, अटल बिहारी वाजपेयी जैसे तमाम प्रतिष्ठित लोगों को संघ के करीब लाए। वह हमेशा ही अपने जीवन को समाज के लिए ज्यादा से ज्यादा उपयोगी बनाने की दिशा में आगे बढ़ते रहे। हिंदुत्व के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि देश में जब तक हिन्दू समाज की स्थिति नहीं सुधरेगी तब तक देश में स्थाई परिवर्तन नहीं आएगा और समाज के साथ-साथ देश में भी हिंदुत्व की स्थापना शिक्षा से ही होगी।
बता दें कि महामना शिक्षण संस्थान गरीब मेधावी बच्चों को नि:शुल्क आईआईटी व मेडिकल की कोचिंग के साथ ही रहने-खाने की व्यवस्था उपलब्ध कराएगा। इस अवसर पर प्राविधिक व चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टण्डन, महापौर संयुक्ता भाटिया, केजीएमयू कुलपति डॉ. एमएलबी भट्ट, संस्था के अध्यक्ष राम निवास जैन, रंजीव तिवारी, डॉ. एसएन शंखवार, चंदन पटेल आदि उपस्थित थे।