लखनऊ। तहसीलों में समाधान दिवस में जमीनों के फर्जीवाड़े की शिकायतों की भरमार देखने के मिली। मलिहाबाद तहसील में 90 साल के बुजुर्ग शालेहनगर निवासी छोटकऊ ने सीडीओ से कहा, साहब मैं जिंदा हूं। मुझे गांव के लोगों ने मृत दर्शाकर मेरी जमीन हड़प ली, जिसे वापस दिला दीजिए। यह सुनकर सीडीओ ने जांच के निर्देश दिए।
बुजुर्ग, डीएम से मिलने के लिए काफी देर तक इंतजार करते रहे। दोपहर करीब एक बजे डीएम तहसील पहुंचे, लेकिन कर्मचारियों ने उन्हें मिलने नहीं दिया। वहीं, ढेढेमऊ निवासी ज्ञान बहादुर ने बैंक प्रबंधक पर किराया नहीं देने का आरोप लगाया। मलिहाबाद निवासी युसुफ ने मोहल्ला केवलहार के प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन की मरम्मत की मांग की। बोले, 17 बार प्रार्थना पत्र दिया गया, सुनवाई नहीं हुई। डीएम ने जांच के निर्देश दिए।
उधर, मोहनलालगंज तहसील में गोसाईगंज के बक्कास निवासी चंद्रशेखर और मथुरा ने एक सेवानिवृत्त आईएएस पर जमीन हड़पने का आरोप लगाया। दबाव में तहसील प्रशासन व पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती। इस पर एसडीएम ने तहसीलदार को जांच के आदेश दिए। पांचों तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 534 प्रकरण आए, जिनमें 119 का मौके पर निस्तारण किया गया।
सरोजनीनगर तहसील में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश सिंह ने खतौनी में अंश निर्धारण करते समय रकबा व काश्तकारों के नाम फर्जी अंकित करने का आरोप लगाया। कहा, राजस्व कर्मियों की लापरवाही से जनता परेशान है। खतौनी की त्रुटि का काम जल्द से जल्द सुधारा जाए। उन्होंने ऐसा नहीं होने पर जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी। काकोरी के ग्राम सभा सकरा निवासी मनवीर सिंह ने सरकारी जमीनों पर कब्जे की शिकायत की।
बीकेटी के बाबापुरवा गांव निवासी गुड़िया ने तहसील दिवस में एक बार फिर चोरी हुई दो भैंसों को वापस दिलाने की गुहार लगाई। पीड़िता ने कहा कि वह दौड़-दौड़कर थक चुकी हैं। सड़क हादसे में पति की मौत के बाद दो बच्चों को इन भैसों के सहारे पाल रही थी। एसडीएम ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उमरिया के मुसपिपरी में सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत की गई। चौगवां में सरकारी स्कूल पर कब्जे की शिकायत भी की गई।