लखनऊ। हाइड्रा (जलव्याल निडेरिया संघ का जंतु) की उम्र नहीं बढ़ती और यह अमर है। मानव और इस जीव की आनुवंशिकी रचना एक समान है। यह बातें अगरकर शोध संस्थान के प्रो. घासदकाबी ने लखनऊ विवि के जंतु विज्ञान विभाग के भारतीय विकासवादी जीवविज्ञानी समाज सम्मेलन में कही।
उन्होंने हाइड्रा में पूर्ण पुनर्जनन के बारे में भी बात की। प्रो. त्रिने बिल्ड ने दिखाया कि प्राकृतिक चयन में कैसे मकड़ियों में नर आबादी में गिरावट का कारण बन रहा है। डॉ. मंजरी जैन ने शोध के माध्यम से आम पक्षी, जंगल बैबलर (पेंपा) की भाषा के बारे में बात की। डॉ. हेमा सोमनाथन, श्रीजा राय, डॉ. इंदुकला व डॉ. वंदना प्रसाद ने विभिन्न जीव-जंतुओं के संबंध में विचार रखे। इस दौरान कार्यक्रम की समन्वयक प्रो. गीतांजलि मिश्रा, शिक्षक और शोधार्थी मौजूद रहे। (संवाद)