जिसके साथ सात फेरे लिए. सात जन्मों के साथ की कसम खाई उस पत्नी के चरित्र को लेकर पति का शक इतना गहरा गया कि पत्नी को पीट-पीटकर मार डाला। घटना रायबरेली में मोहनगंज थाना क्षेत्र के किशुन पुर मजरे रामनगर की है।
गांव निवासी आशीष कुमार पासी (26) पुत्र जगजीवन पासी की शादी चार साल पहले रायबरेली के चौपुरा निवासिनी सुमन पुत्री माताबदल पासी से हुई थी। दोनों की दो साल की बेटी निमाशी है। घर में दंपती और उनकी बेटी के अलावा सुमन के ससुर जगजीवन और देवर (12) साथ रहते थे। खेती-बाड़ी व मजदूरी से सभी का जीविका चल रही थी।
आशीष के घर से कुछ दूर पर उसके मित्र पारसनाथ पासी पुत्र रामदेव पासी का परिवार रहता है। पारसनाथ तीन महीने पहले सउदी अरब से आया है। दोनों घरों की महिलाओं में तो आना-जाना था ही, लेकिन इस बीच पारसनाथ का भी आशीष के घर आना-जाना बढ़ गया था। आशीष को पारसनाथ का घर आना पसंद नहीं था। इसे लकेर उसकी पत्नी से अक्सर तू-तू मैं-मैं भी होती थी।
रविवार शाम आशीष रिश्तेदारी में अकबरपुर फर्शी गांव में एक शादी में गया था। रात करीब 11 बजे घर लौटा तो घर मे पारसनाथ को देख आग बबूला हो उठा। सुमन को लाठी-डंडे से पीटना शुरू कर दिया। ये देख पारसनाथ मौके से खिसक गया। शोर-शराबा सुनकर घर के बाहर लेटे जगजीवन ने अंदर आने का प्रयास किया लेकिन आशीष ने घर का मुख्य दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद सुमन को तब तक पीटता रहा जब तक कि उसने दम नहीं तो दिया।
पिता बोले- दहेज की खातिर सबने मिलकर मारा
घटना के बाद जमा भीड़।
- फोटो : amar ujala
ग्रामीणों की सूचना पर थानाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया गया है। सुमन के पिता माताबदल ने आशीष, जगजीवन और पारसनाथ के खिलाफ आरोप लगाया है कि तीनों दहेज मांगते थे और इसीलिए तीनों ने सुमन की पीट-पीटकर हत्या कर दी।
इस सम्बन्ध मे क्षेत्राधिकारी बीनू सिंह ने कहा कि फिलहाल तो पत्नी पर चरित्रहीनता की बात का आरोप लगाते हुए हत्या करने की बात सामने आई है। उधर, मृतका के पिता द्वारा गए गए प्रार्थना पत्र पर भी जांच की जाएगी। जांच के बाद जो बात सामने आएगी उस दिशा में जांच बढ़ाई जाएगी।