लखनऊ। दहेज में ढाई लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को जहर देकर हत्या करने के आरोपी पति सूरज पाल और सास कुंवारा को दोषी ठहराया गया है। एडीजे विनीत नारायण पांडे ने दोनों को सात वर्ष की कैद और 20 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। सरकारी वकील ने बताया कि मामले की रिपोर्ट वादी पिता छोटेलाल ने आठ जुलाई 2013 को मलिहाबाद थाने में दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि वादी की पुत्री छाया की शादी सूरज पाल से पांच मई 2011 को हुई थी। शादी के बाद से ही सास व परिवार के अन्य लोग ढाई लाख रुपये के लिए छाया को प्रताड़ित करते थे। छह जुलाई 2013 को वादी ने पुत्री को विदा कराने के लिए बेटे मुकेश को भेजा, लेकिन ससुराल वालों ने उसे नहीं भेजा। आठ जुलाई 2013 की रात 11 बजे ससुरालवालों ने वादी को खबर दी कि छाया की तबीयत बहुत खराब है। छोटेलाल उसके ससुराल पहुंचे और सास कुंवारा व नंद शिवानी से पूछा पर दोनों ने कोई जवाब नहीं दिया। लखनऊ आते वक्त छोटेलाल को रास्ते में मिले अन्य ससुरालियों ने बताया कि छाया की मौत हो गई है। वादी ने कहा कि बेटी को देखने से लगता था कि उसे जहर खिलाकर मारा गया है। मौके पर मौजूद लोगों ने भी बताया कि डॉक्टर ने कहा है कि मौत जहर खाने से हुई है।