लखनऊ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विवि में यूं तो दिव्यांगों के लिए 50 फीसदी सीटें प्रवेश के लिए आरक्षित हैं लेकिन नए सत्र 2022-23 में उनकी प्रवेश की राह आसान नहीं दिख रही है। दरअसल, विश्वविद्यालय प्रशासन ने नए प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों से अन्य सर्टिफिकेट के साथ फुल फिटनेस का सर्टिफिकेट मांगा है। इसे लेकर विद्यार्थी काफी पशोपेश में हैं।
पुनर्वास विवि में प्रवेश काउंसिलिंग 30 अगस्त से शुरू होगी और पहले दिन से बीए में प्रवेश होंगे। इसमें विद्यार्थियों की संख्या काफी है। विवि प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों में मेडिकल सर्टिफिकेट भी प्रवेश के समय मांगा गया है। इसमें लिए जारी ड्राफ्ट मेडिकल सर्टिफिकेट में कहा गया है कि विद्यार्थियों को किसी तरह की बीमारी, शारीरिक या मानसिक अक्षमता न हो। आंखें छह बाई छह हो, कलर ब्लाइंड भी न हो।
अभ्यर्थियों को मेडिकल ऑफिसर से जारी सर्टिफिकेट देना होगा। इसे लेकर विद्यार्थी परेशान हैं और वे व उनके अभिभावक परिसर के चक्कर लगा रहे हैं। हालांकि विवि प्रशासन के अनुसार, यह सामान्य गाइडलाइन है। रजिस्ट्रार अमित कुमार सिंह ने कहा कि यह सर्टिफिकेट सामान्य विद्यार्थियों को देना है न की दिव्यांग विद्यार्थियों को। किंतु इसे दिशा-निर्देश में स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल्द ही संशोधित दिशा-निर्देश जारी करवाए जाएंगे।
25 तक अपलोड करने होंगे अभिलेख
पुनर्वास विवि प्रशासन की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि आवेदक नए सत्र में स्नातक व डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के अभिलेख ऑनलाइन पोर्टल पर 25 अगस्त तक अपलोड कर सकेंगे। बीए, बीकॉम, बीबीए, बीकॉम एलएलबी, बीवीए व पीडीसीडी में प्रवेश के लिए नए आवेदन करने वाले व पूर्व के आवेदक अभ्यर्थी अपनी पात्रता परीक्षा से संबंधित अभिलेख 25 तक अपलोड कर सकते हैं।