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सुना है क्या: फजीहत कराने को आतुर माननीय, साथ ही 'साहब कहां ले जाएंगे फाइल और अफसर को नेता जैसा फील' के किस्से

Tue, 11 Aug 2026 08:06 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासन में तमाम ऐसे किस्से हैं, जो हैं तो उनके अंदरखाने के... लेकिन, चाहे-अनचाहे बाहर आ ही जाते हैं। ऐसे किस्सों को आप अमर उजाला के "सुना है क्या" सीरीज में पढ़ सकते हैं। तो आइए पढ़ते हैं इस बार क्या है खास...
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सुना है क्या/suna hai kya - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासनिक गलियों में आज तीन किस्से काफी चर्चा में रहे। चाहे-अनचाहे आखिर ये बाहर आ ही जाते हैं। इन्हें रोकने की हर कोशिश नाकाम होती है। आज की कड़ी में 'फजीहत कराने को आतुर माननीय' की कहानी। इसके अलावा 'साहब कहां ले जाएंगे फाइल' और 'पोस्टर पर अफसर, नेता जैसा फील' के किस्से भी चर्चा में रहे। आगे पढ़ें, नई कानाफूसी...

फजीहत कराने को आतुर माननीय

छोटे-छोटे कुटीर उद्योग चलाने वाले एक महकमे के माननीय के अजीबोगरीब फरमानों से साहब परेशान हैं। महकमे में चर्चा है कि माननीय एक तरफ नए ऑर्डर की लिस्ट मंगा रहे हैं तो दूसरी तरफ पुराने टेंडरों को निरस्त कर उनके नए टेंडर निकालने के मूड में हैं। अफसर परेशान हैं कि सप्लाई के कगार पर खड़ी फर्मों के टेंडर निरस्त किए तो कोर्ट-कचहरी होना तय है। इससे जरूरतमंदों को दिए जाने वाले मुफ्त उत्पादों की सप्लाई रुकेगी जिससे चुनावी सीजन में सरकार की फजीहत होगी। इसके पीछे कारण क्या है, इस पर लोगों का कहना है कि ये तो सभी जानते हैं।

साहब कहां ले जाएंगे फाइल

प्रदेश के पढ़ाई-लिखाई वाले विभाग में पिछले दिनों हुए उच्चस्तर के बदलाव के बाद भी हलचल समाप्त नहीं हो रही है। हालत यह है कि पुराने साहब के एक-एक कर सभी अतिरिक्त प्रभार हटा लिए गए। उनके न चाहने के बाद भी एक महत्वपूर्ण जगह भी उनसे वापस ले ली गई है। विभाग में चर्चा है कि वह अपने एक मातहत को अपनी फाइलें यहां से हटाने के लिए कह रहे थे। बदले हालात में अब साहब अपनी फाइल कहां ले जाएंगे?

पोस्टर पर अफसर, नेता जैसा फील

प्रदेश में कांवड़ यात्रा चल रही है। पश्चिम यूपी के कई जिलों में यात्रा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। इधर के कुछ रूट पर दो पुलिस अधिकारियों के पोस्टर भी जगह-जगह लगे मिल जाएंगे जो कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के स्वागत में लगाए गए हैं। पोस्टर पर छपे अधिकारी भी नेताओं जैसा फील ले रहे हैं। चर्चा है कि अधिकारी ने खुद ही किसी के जरिये पोस्टर लगवाए हैं। खैर कुछ भी हो लेकिन अधिकारी चर्चा में हैं।

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