रायबरेली। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में कोई चूक न हो और प्रत्येक केंद्र पर व्यवस्था दुरुस्त रहे, इसके लिए हरएक परीक्षा केंद्र में पर्याप्त संख्या में कक्ष निरीक्षकों का होना जरूरी है। कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी को लेकर वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षक ज्यादा आनाकानी करते हैं। तमाम कारण व बहाना बनाकर वित्तविहीन विद्यालय अपने शिक्षकों को परीक्षा केंद्र नहीं भेजते। इस समस्या से निपटने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक ने चार व 7 मार्च को वित्तविहीन विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है। दोनों ही दिन यूपी बोर्ड की प्रमुख विषयों की परीक्षाएं होनी हैं।
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 108 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 22 फरवरी से परीक्षाएं चल रहीं हैं। जो नौ मार्च तक चलेंगी। इसके लिए हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 70,793 परीक्षार्थी पंजीकृत किए गए हैं। परीक्षाओं की नकल विहीन व्यवस्था के लिए माध्यमिक शिक्षा के राजकीय, सहायता प्राप्त व वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों के साथ बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक भी लगाए गए हैं। कुछ प्रमुख विषयों की परीक्षाएं होनी बाकी हैं, जिनपर विशेष निगरानी की जरूरत है।
चार व 7 मार्च को प्रमुख विषयों की परीक्षाएं होनी हैं, जिसमें पर्याप्त संख्या में कक्ष निरीक्षकों की जरूरत होगी। वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों के न आने से समस्या उत्पन्न हो सकती है, इसीलिए चार व सात मार्च को वित्तविहीन विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। बोर्ड परीक्षा के तय कार्यक्रम के अंतर्गत चार मार्च को पहली पाली में हाईस्कूल की अंग्रेजी, दूसरी पाली में इंटरमीडिएट की भौतिक विज्ञान, सात मार्च को पहली पाली में हाईस्कूल की सामाजिक विज्ञान, दूसरी पाली में इंटरमीडिएट की रसायन विज्ञान, समाजशास्त्र की परीक्षा होगी। डीआईओएस ओमकार राणा ने बताया कि अवकाश के दिन वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।