रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में शुक्रवार से एचआईवी की जांच शुरू हो गई। एम्स में आईसीटीसी (इंटीग्रेटेड काउंसिल एंड टेस्टिंग सेंटर) खोला गया है। यहां संदिग्ध लोगों की एचआईवी की जांच होगी। संक्रमित मिलने पर मरीजों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में संचालित एआरटी सेंटर पर इलाज शुरू कराने के लिए भेजा जाएगा।
जिले में अब तक जिला महिला और पुरुष अस्पतालों के साथ ही सीएचसी लालगंज और बछरावां में आईसीटीसी संचालित हैं। साथ ही जिला अस्पताल में संक्रमितों के इलाज के लिए एआरटी सेंटर भी संचालित हैं। एम्स में काफी मरीज आते हैं। सर्जरी व अन्य इलाज के लिए एचआईवी जांच जरूरी होती है। सुविधा उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को जिला अस्पताल आकर इसकी जांच करानी पड़ती थी।
शुक्रवार को निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी और डीन प्रो. नीरज कुमारी ने एम्स परिसर में आईसीटीसी का शुभारंभ किया। शुभारंभ के साथ ही यहां एचआईवी की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में संक्रमित होने वाले मरीजों को इलाज के लिए जिला अस्पताल के एआरटी सेंटर में भेजा जाएगा। शुभारंभ के मौके पर अपर निदेशक प्रशासन डॉ. एसके सिंह, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी समीर शुक्ला, जिला अस्पताल के आईसीटीसी के लैब टेक्नीशियन डॉ. आरबी यादव आदि मौजूद रहे। एम्स में काउंसलर शिवम श्रीवास्तव व एलटी मुकेश कुमार काम करेंगे।