बीबीएयू में राजभाषा हिंदी उत्सव का हुआ समापन।
लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में राजभाषा हिंदी उत्सव के समापन पर मुख्य अतिथि विधान परिषद उत्तर प्रदेश के सभापति मानवेंद्र सिंह ने कहा कि हिंदी को केवल साहित्य तक सीमित न रखकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम तकनीक, विज्ञान, डिजिटलाइजेशन और रोजगार से जोड़ना होगा। तभी हिंदी बदलते समय की चुनौतियों का सामना कर नई पीढ़ी के साथ आगे बढ़ सकेगी। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं सांसद डॉ. अशोक बाजपेई, कार्यवाहक कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के प्रो. मुन्ना तिवारी ने विचार रखे। समारोह में एक से 30 सितंबर तक आयोजित श्रुतिलेख, टिप्पणी एवं प्रारूपण, हिंदी टंकण, निबंध और स्वरचित कविता पाठ प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाणपत्र, पदक और पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया। डॉ. बलजीत कुमार श्रीवास्तव की पुस्तक ‘लोकसाहित्य के विविध परिदृश्य’ का विमोचन भी हुआ। इस मौके पर हिंदी के विकास में बोलियों के योगदान विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भी समापन हुआ।
बीबीएयू में राजभाषा हिंदी उत्सव का हुआ समापन।
बीबीएयू में राजभाषा हिंदी उत्सव का हुआ समापन।