हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त (सीआईसी) के खाली पद को चार सप्ताह में भरने के आदेश दिए हैं। सीआईसी की नियुक्ति के मामले में सख्त रुख अख्तियार करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि रिक्त पद चार हफ्ते में भरा जाए। इसमें नाकाम होने पर मुख्य सचिव हलफनामा दाखिल करें।
न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल और न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने शुक्रवार को यह आदेश एक्टिविस्ट नूतन ठाकुर की याचिका पर दिया। याची का कहना था कि मुख्य सूचना आयुक्त का पद 16 फरवरी 2020 से खाली है, जिससे वादकारियों को परेशानी हो रही है।
उधर, राज्य सरकार के अधिवक्ता एचपी श्रीवास्तव ने मामले में सरकार से और निर्देश लेने को समय दिए जाने का आग्रह किया था, जिसे कोर्ट ने मंजूर करते हुए इसके बाद याचिका को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा कि सीआईसी का पद फरवरी से खाली है जबकि सुप्रीम कोर्ट ने अंजलि भारद्वाज व अन्य बनाम यूनियन ऑफ इंडिया व अन्य केस में सीआईसी का पद भरने को ईमानदार कोशिश करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
लेकिन आज तक कई बार सरकार को मौका देने के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं पेश किया गया। कोर्ट ने सख्ती से सरकार को निर्देश दिया कि सीआईसी के पद को चार हफ्ते में भरा जाए अन्यथा इसमें नाकाम होने पर प्रदेश के मुख्य सचिव हलफनामा दाखिल करें। अदालत ने मामले की सुनवाई 4 हफ्ते बाद नियत की है।