आम आदमी पार्टी के उदय से कई नई बहस शुरू हुई हैं। भ्रष्टाचार से शुरू हई बहस अब एक नए मोड़ पर आ पहुंची है।
हाईकोर्ट ने एक ऐसा सवाल पूछा है, जिस पर शायद ही आपने भी कभी ही विचार किया हो।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने केंद्र व यूपी सरकार से पूछा है कि आम आदमी के संबोधन के लिए उनके मानदंड क्या हैं।
जस्टिस इम्तियाज मुरतजा और जस्टिस देवेंद्र उपाध्याय की बेंच ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह जवाब तलब किया है।
याचिका में मांग की गई थी कि सरकार आम आदमी के संबोधन में भी 'श्री' और 'सम्माननीय' जैसे आदरसूचक शब्दों का इस्तेमाल करे।