हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कोरोना काल में प्रदेश के माध्यमिक स्तर तक के निजी स्कूलों में विद्यार्थियों से पूरी फीस न लिए जाने के आग्रह वाली जनहित याचिका पर सुनवाई अगले हफ्ते नियत की है।
न्यायमूर्ति पंकज मित्तल और न्यायमूर्ति राजीव सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश उम्मीद संस्था के संस्थापक-सचिव बलबीर सिंह की जनहित याचिका पर दिया। इसमें याची ने राज्य सरकार को यह निर्देश देने की गुजारिश की है कि कोरोना महामारी के दौरान प्रदेश के माध्यमिक स्तर तक के निजी स्कूलों में विद्यार्थियों से पूरी फीस न लिया जाना सुनिश्चित कराए।
उधर, राज्य सरकार की तरफ से सरकारी वकील एचपी श्रीवास्तव ने अदालत को बताया कि फीस माफी संबंधी यह मुद्दा गत 24 जून को इलाहाबाद हाईकोर्ट की एक खंडपीठ एक अन्य जनहित याचिका पर फैसला सुनाते हुए निर्णीत कर चुकी है। इस पर कोर्ट ने कहा कि चूंकि याची के अधिवक्ता सुनवाई के दौरान मौजूद नहीं हैं, लिहाजा इस याचिका को अगले हफ्ते सूचीबद्ध किया जाए।