प्रदेश में निकाय चुनाव कराने के मुद्दे पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट से यदि अनुमति मिली तो नगर विकास विभाग तत्काल चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर देगा। मेयर और अध्यक्ष की सीटों का नए सिरे से आरक्षण निर्धारित करने का काम भी शुरू हो जाएगा।
बता दें राज्य सरकार ने उप्र. राज्य स्थानीय निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर चुनाव कराने की अनुमति मांगी है। इस पर ही सुनवाई होनी है। सरकार की मंशा है कि अप्रैल से मई के दौरान चुनाव करा लिया जाए। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ट्रिपल टेस्ट के आधार पर मेयर और अध्यक्ष की सीटों पर पिछड़ों का आरक्षण तय होना है। इसलिए कुछ समय लग सकता है।