सीएमओ डॉ. एस.एन.एस. यादव के एक आदेश के चलते मॉर्चुरी में
बृहस्पतिवार को जमकर हंगामा हुआ।
बताया जा रहा है कि कि फैजाबाद जेल में
बंद राम कृपाल (52) नाम के एक मरीज की केजीएमयू के कार्डियोलॉजी विभाग में
मौत हो गई थी।
पोस्टमार्टम के लिए तैयार किए गए कागज पर शव का वजन कराने
की बात भी लिख दी गई। मॉर्चुरी में जब बॉडी वेट का आदेश देखा गया तो वहां
तैनात चिकित्सक परेशान हो गए।
वेट मशीन न होने के कारण शव का कहीं और से
वजन कराने की सलाह दी गई। शव के साथ आए दो सिपाही इस दिक्कत से परेशान हो
गए।
कैदी के परिवारीजनों ने भी वहां हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया लगभग दो घंटे तक रुका रही।
सिपाही मॉर्चुरी से
वापस सीएमओ ऑफिस जाकर बॉडी वेट कराने का आदेश निरस्त कराकर लौटे तब
पोस्टमार्टम हो पाया।