राजाजीपुरम बाबा की बगिया में दिव्य जागृति संस्थान की ओर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में भजन गीत पर
लखनऊ। राजाजीपुरम स्थित बाबा की बगिया में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन बृहस्पतिवार को कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। कथावाचक साध्वी वैष्णवी भारती ने कहा कि धर्म की स्थापना के लिए भगवान विष्णु ने गोपाल का रूप धारण किया था और गायों की रक्षा की। इसके जरिये उन्होंने गाय का महत्व समझाया। मनुष्य के सुख और दुख का निर्धारण उसके कर्मों से होता है। खेत में अगर कांटे रोपोगे तो फूल की फसल काटने को नहीं मिलेगी। इसलिए कर्म हमेशा अच्छे करने चाहिए। कर्म का चक्र घूमता जरूर है किसी के दुखी से खुश होगे तो एक दिन आपके दुख पर कोई हंसेगा। जिस जगह पर आज आप हो उस जगह पर कल कोई और होगा। इसलिए कभी घमंड नहीं करना चाहिए। यह आयोजन दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से कराया जा रहा है।
राजाजीपुरम बाबा की बगिया में दिव्य जागृति संस्थान की ओर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में भजन गीत पर