डीह (रायबरेली)। पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा। ग्रामीणों ने पानी की पिपया लेकर न सिर्फ प्रदर्शन किया, बल्कि डीह-मऊ मार्ग पर कंटीली झाड़ियां रखकर आवागमन ठप कर दिया। करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। तहसीलदार ने पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता की और समस्या दूर कराने का भरोसा दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
ग्राम पंचायत मऊ की आबादी पांच हजार है। गांव में लगे हैंडपंप फ्लोराइडयुक्त पानी देते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बाल्टी पर पानी भरकर रखने में थोड़ी देर में पीला पड़ जाता है। एक किलोमीटर दूर साधन सहकारी समिति के पास लगे हैंडपंप से पानी भरकर लाना पड़ता है। ग्रामीण हरिशंकर, मोनू, विजय, नीरज निर्मल ने बताया कि कई बार समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
इसके विरोध में अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि गांव में पानी की टंकी लगी थी, जो दो साल से खराब है। जाम की सूचना मिलने पर तहसीलदार प्रज्ञा द्विवेदी मौके पर पहुंची। ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया।
टंकी न बनने तक टैंकर से पहुंचेगा पानी
जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर को पानी पहुंचाने का काम चल रहा है। जल निगम ग्रामीण के अधिकारियों की लापरवाही से अब तक गांव में काम ही नहीं शुरू हो पाया है। इससे लोगों में और नाराजगी है। तहसीलदार ने कहा कि जब तक पानी की टंकी नहीं बन जाती, तब तक गांव में टैंकर से पानी पहुंचाया जाएगा।
जाम से बेहाल रहे मुसाफिर
डीह-मऊ मार्ग पर जाम लगाए जाने से सड़क पर दोनों तरफ वाहनों की लाइन लग गई। बाइक सवार तक नहीं निकल पाए। भीषण गर्मी में लोग जाम में फंसे रहे। दो घंटे बाद जाम खुलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।