टूटे तटबंध का निर्माण कराए जाने के कारण विगत दिनों आई बाढ़ में जलमग्न हुआ मुजेहना का मजरा दोंदर
श्रावस्ती। पिछले साल भीषण बाढ़ में मुजेहना के मजरा दोंदरा में राप्ती किनारे बना तटबंध कई मीटर कट गया था। किसी तरह इस पर जीओ ट्यूब लगा कर विभाग काम चला रहा था। विगत सप्ताह आई भीषण बाढ़ में जीओ ट्यूब भी बह गया और देखते ही देखते 12 गांव टापू बन गए थे। यदि इसकी समय रहते मरम्मत न हुई और दोबारा बाढ़ आई तो जिले के नक्शे से दोंदरा गांव का नामोनिशान मिट सकता है।
भिनगा के ग्राम मुजेहना का मजरा दोंदरा गांव राप्ती नदी के मुहाने पर है। यहां अगस्त 2023 में आई बाढ़ में दोंदरा के निकट तिलकपुर अंधरपुरवा तटबंध कट गया था जिससे अमवा व दोंदरा सहित आसपास के 12 गाव प्रभावित हुए थे। इस बार इन गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए बाढ़ खंड विभाग की ओर से जीओ ट्यूब लगाया गया था।
छह जुलाई की रात आई भीषण बाढ़ में न जीओ ट्यूब बचा और न ही गांव को जाने वाला मुख्य मार्ग ही। करीब 300 मीटर तटबंध कट जाने के कारण चार माह पूर्व बनी पीएमजीएसवाई मार्ग भी बाढ़ व कटान की भेंट चढ़ गया। साथ ही मुजेहना, दोंदरा, पाराबन, सेहनियां, गोड़धोई, रामगढी, गंगापुर, जोगनी खर्च, शुकुलपुरवा सहित 12 गांव करीब चार दिनों तक टापू बने रहे। यदि समय रहते समस्या पर ध्यान न दिया गया या फिर दोबारा बाढ़ आई तो न सिर्फ दोंदरा गांव का नामोनिशान मिट सकता है बल्कि राप्ती की उग्र लहरें इन 12 गांव में अपना कहर बरपा सकती हैं। इसे लेकर दहशत में आए ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों से समय रहते समस्या का समाधान कराने की मांग किया है। इस संबंध में अवर अभियंता बाढ़ खंड राहुल अरोड़ा ने बताया कि यह काम टेक्निकल विभाग बहराइच के जिम्मे है। इस बारे में जो भी कुछ होना होगा वहीं से होगा।