लखनऊ। पुणे में हुई सॉफ्टवेयर इंजीनियर वंदना द्विवेदी की हत्या में अहम खुलासा हुआ है। वारदात को अंजाम देने वाला उनका प्रेमी ऋषभ निगम हत्या करने के इरादे से ही लखनऊ से पुणे पहुंचा था। साजिश के तहत वह वंदना को लॉज में ले गया और फिर गोलियां बरसा दी थीं। अब तक ये पता नहीं चल सका कि आखिर उसे पिस्टल किसने और कहां मुहैया कराई। पुणे पुलिस इसको लेकर तफ्तीश कर रही है।
मूल रूप से गोंडा निवासी वंदना द्विवेदी (26) पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर थीं। वह पुणे में इंफोसिस में कार्यरत थीं। लंबे समय से उनका परिवार इंदिरानगर सेक्टर-11 में रह रहा है। जानकीपुरम विस्तार निवासी ऋषभ निगम से वंदना का प्रेम प्रसंग था। 27 जनवरी की रात ऋषभ पुणे के एक लॉज में वंदना के साथ था। इसी दौरान वह वंदना को पिस्टल से तीन गोलियां मारकर भाग गया था। मुंबई पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक वंदना कुछ वक्त से ऋषभ से दूरी बना रही थीं जबकि वह उनके पीछे पड़ा था। कुछ दिन पहले फोन पर बातचीत के दौरान विवाद हो गया था। तभी उसने हत्या करने की ठानी थी। इसी इरादे से वह 25 जनवरी को पुणे पहुंचा था। पुलिस ये भी पता कर रही है कि आखिर ऋषभ को पिस्टल कहां से मिली। आशंका है कि वह पिस्टल भी लखनऊ से ही खरीदकर ले गया। अगर ऐसा है तो उसने कई जगह की सुरक्षा को भी मात दी। पुणे पुलिस इस पहलू पर तफ्तीश कर रही है।