लखनऊ। चारबाग प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी करने वाला जीआरपी सिपाही भी कोरोना पॉजिटिव निकल आया है। प्लेटफॉर्म पर वह कई दिन से ड्यूटी कर रहा था। प्रवासी मजदूरों के संपर्क में कई दफा आया था। इस दौरान उसे सांस लेने में तकलीफ होने पर जांच के लिए नमूना भेजा गया। रविवार को आई रिपोर्ट में वह कोरोना पॉजिटिव निकला। इससे जीआरपी थाने में हड़कंप मच गया। थाने का 11 लोगों का स्टाफ क्वारंटीन में भेजा जा रहा है। आरोप है कि प्रशासन ने ड्यूटी करने वाले सिपाहियों को एन-95 मास्क और पीपीई किट तक मुहैया नहीं कराई है। इससे पुलिसकर्मियों में काफी आक्रोश है। कानपुर निवासी जीआरपी सिपाही 14 मई से प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी कर रहा था। चारबाग प्लेटफॉर्म पर हर रोज करीब 20 से 30 हजार प्रवासी मजदूर आ रहे हैं। उनकी निगरानी संग उन्हें सुरक्षित तरीके से उनके गंतव्य को जाने वाली ट्रेन में बिठाने का जिम्मा सिपाही देख रहे थे। आरोप है कि सिपाहियों को स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन की ओर से कोई भी सुरक्षा उपकरण तक मुहैया नहीं कराए गए थे। ऐसे में सिपाही सीधे प्रवासी मजदूरों के संपर्क में आ रहे हैं। गत 21 मई को सिपाही का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया था। रविवार को आई रिपोर्ट में वह कोरोना पॉजिटिव निकला। इससे जीआरपी थाने में अफरातफरी मच गई। जीआरपी स्टाफ के 11 पुलिसकर्मियों को क्वारंटीन किया गया है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. केपी त्रिपाठी के मुताबिक, क्वारंटीन किए गए 11 पुलिसकर्मियों के नमूने पांच दिन बाद जांच के लिए भेजे जाएंगे। थाने में सैनिटाइजेशन का काम किया जा रहा है।