लखनऊ। राजधानी 23 से 29 नवंबर तक होने वाले 19वें भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के वार्षिक सम्मेलन जंबूरी की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। वृंदावन योजना स्थित डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में आयोजित इस भव्य समारोह में देश-विदेश से 30 हजार से ज्यादा स्काउट्स एंड गाइड्स कैडेट्स पहुंचेंगे। ‘विकसित युवा, विकसित भारत’ थीम के साथ आयोजित यह जंबूरी इस बार ग्रीन और क्लीन जंबूरी के रूप में पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देगी।प्लास्टिक और गीले कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण, ई-कार्ट्स, ग्रीन वॉरियर्स प्रोग्राम और ग्रीन प्लेज वॉल जैसी पहलें इस जंबूरी को विशिष्ट बनाएंगी। पहली बार होने वाले ड्रोन शो, एआई हब और ग्लोबल विलेज की अवधारणा इसे आधुनिकता का नया रूप देगी।कैडेट्स को लखनऊ की प्रसिद्ध व्यंजनों के साथ बनारस, बुंदेलखंड और पूर्वांचल के पारंपरिक पकवानों का भी स्वाद मिल सकेगा। लगभग 32 हजार भारतीय और 1500 विदेशी प्रतिभागी इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे। स्थल पर 3,500 से अधिक टेंट, 2,200 शौचालय, 1,700 स्नानघर और 100 से अधिक रसोई तैयार की गई हैं।30 हजार की क्षमता वाला विशाल स्टेडियम, 12 प्रवेश द्वार, अत्याधुनिक एलईडी स्क्रीन और जर्मन हैंगर से तैयार वीवीआईपी गैलरी इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर प्रदान कर रही है। पुलिस नियंत्रण कक्ष, फायर स्टेशन, 100 बेड का अस्पताल, 16 डिस्पेंसरी, कैफेटेरिया, प्रशासनिक कार्यालय, कॉन्फ्रेंस हॉल और प्रदर्शनी क्षेत्र भी पूरी तरह से तैयार हैं।स्काउट गाइड्स के लिए हाई रोप एडवेंचर, स्काई साइकिल, ज़िपलाइन, वॉल क्लाइम्बिंग, कमांडो ब्रिज, आर्चरी, शूटिंग, जॉर्बिंग और सेल्फी पॉइंट जैसी रोमांचक गतिविधियां भी होंगी।तीन महीने से चल रही तैयारियां : ईस्ट सेंट्रल रेलवे धनबाद जोन के स्काउट गाइड लीडर आशुतोष राणा ने बताया कि जंबूरी की तैयारियां तीन महीने से जारी थीं। टीम पहले ही दो दिन पहले लखनऊ पहुंच गई थी और अब भी पूरे जोश के साथ काम कर रही है। स्काउट गाइड एनसीसी जैसी संरचना है लेकिन इसका दायरा और व्यापक है। इसमें युवाओं को समाज के हर आवश्यक पहलू के बारे में सीख दी जाती है।n हर परिस्थिति से लड़ने की मिलती है ट्रेनिंग : ईस्ट सेंट्रल रेलवे धनबाद जोन के कक्षा 11वीं के छात्र प्रभा शंकर ने बताया कि स्काउटिंग में उन्हें हर परिस्थिति से लड़ने की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। गर्मी, सर्दी, धूप या विपरीत मौसम... कैसे खुद को मजबूत बनाए रखना है, यह सिखाया जाता है।n पहले भी कर चुकी है टीम प्रतिभाग : असम से आए मंटू ने कहा कि वे कई आयोजनों में प्रतिभाग कर चुके हैं लेकिन यहां जैसी व्यवस्था कहीं और नहीं मिली। जंबूरी में आत्मरक्षा, आत्मनिर्भरता, अनुशासन, नेतृत्व और सभ्य नागरिक बनने की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है।n विविध संस्कृति से जुड़ने का अवसर : असम के कक्षा आठ के छात्र अवनीत ने बताया कि जंबूरी से उन्हें विभिन्न राज्यों की संस्कृति और सभ्यताओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा। सात दिवसीय कार्यक्रम से नेतृत्व विकास, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और संस्कृति की समझ का अनुभव होगा।
पर्यावरण का संदेश देगा ग्रीन-क्लीन जंबूरी
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