रायबरेली। मनमानी कार्यशैली को एक और ग्राम पंचायत अधिकारी निलंबित कर दिया गया है। राज्यमंत्री के पैतृक गांव हरचंदपुर के गुनावर कमंगरपुर में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी ने अब तक न तो बैठक कराई और न ही गांव में विकास कार्य ही शुरू कराया। आईजीआरएस के माध्यम से शासन स्तर तक हुई शिकायत के बाद उसे निलंबित करके हरचदंपुर ब्लॉक से संबद्ध कर दिया गया है।
हरचंदपुर ब्लॉक के गुनावर कमंगरपुर के प्रधान के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। इसका बहाना लेकर ग्राम पंचायत अधिकारी रमेश कुमार ने अब तक गांव में विकास कार्यों के लिए बैठक तक नहीं कराई। साथ ही गांव में विकास कार्य भी आरंभ नहीं कराया गया। प्रधान के खिलाफ चल रहे मुकदमे कानूनी सलाह ली गई तो स्पष्ट हो गया, कि प्रधान पर मुकदमा होने की दशा में ग्राम पंचायत में जनहित में बैठकें कराकर विकास कार्य कराया जा सकता है, लेकिन सचिव ने मनमानी की हद ही पार कर दी।
गांव के अबरार अली, लवलेश कुमार, नागेंद्र दीक्षित आदि ने आईजीआरएस पर शिकायत करके विकास कार्य आरंभ कराने की मांग की, लेकिन निर्देश के बाद भी सचिव ने विकास शुरू नहीं कराया। मनमानी उजागर होने के बाद ग्राम पंचायत अधिकारी रमेश कुमार को निलंबित करके हरचंदपुर ब्लॉक से संबद्ध कर दिया गया है। साथ ही एडीओ पंचायत सतांव प्रणवीर प्रताप सिंह को अंतिम जांच सौपी गई है। डीपीआरओ गिरीशचंद्र ने बताया कि आदेश के बाद भी ग्राम पंचायत अधिकारी ने न बैठक कराई और न ही गांव में विकास कार्य आरंभ कराया। इसी कारण उसे निलंबित कर दिया गया है।