लखनऊ। महानगर के रहीमनगर इलाके में रहने वाली रिंकी ओझा के नाम पर 11.18 लाख रुपये का कर्ज लेकर हड़पने का मामला सामने आया है।
जालसाजी की जानकारी के बाद पीड़ित ने जेसीपी क्राइम आकाश कुलहरि से शिकायत की। निर्देश पर महानगर थाने में नौ अगस्त को अर्पित सक्सेना व अज्ञात बैंककर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
इंस्पेक्टर प्रशांत मिश्रा के मुताबिक, रिंकी ने 7 सितंबर 2022 को कुलभास्कर कॉम्प्लेक्स जीबी मार्ग स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में बचत खाता खुलवाया था। पिछले सप्ताह बैंक से कॉल आई।
बताया गया कि आपने पर्सनल लोन लिया है, उसकी किश्तें जमा नहीं हो रही हैं। 24 जुलाई को पीड़िता बैंक गई। मैनेजर और स्वीकृत अधिकारी से पता चला कि उनके नाम से 11.18 लाख का लोन जारी हुआ है। जिसकी किश्तें जमा नहीं हो रही हैं। काफी बहस के बाद बैंककर्मी ने स्टेटमेंट दिया।
अन्य जानकारी देने से मना कर दिया। रिंकी ने बताया कि स्टेटमेंट से पता चला कि नौ सितंबर को लोन स्वीकृत हुआ था। नौ सितंबर से 10 अक्तूबर के बीच उसके खाते से कई खातों में 9.50 लाख रुपए ट्रांसफर हुए थे, लेकिन इसके मैसेज उसके पास नहीं आए।
पीड़िता का कहना है कि ट्रांजेक्शन पर अर्पित सक्सेना का नाम है। पड़ताल में पता चला कि जालसाज अर्पित सक्सेना बैंक की मिलीभगत से गरीब लोगों को निशाना बनाकर उनके नाम से लोन पास कराकर हड़प लेता है।