सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव।
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि युवाओं व छात्रों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान के लिए प्रदेश सरकार को यूथ चार्टर जारी करना चाहिए। भाजपा सरकार की नीति-रीति के खिलाफ जनाक्रोश चरम पर है। वादा खिलाफी का दंश झेल रहे किसानों के लिए भाजपा राज जंगलराज बन गया है। नौजवानों ने भाजपा सरकार के खिलाफ जगह-जगह संघर्ष छेड़ दिया है।
उन्होंने रविवार को जारी बयान में कहा कि प्रदेश में कोरोना संकट बढ़ता जा रहा है, वहीं, प्रशासन तंत्र दिन-ब-दिन बिगड़ती आर्थिक, सामाजिक स्थितियों के प्रति उदासीन है। जनता को उसके भाग्य पर छोड़कर मुख्यमंत्री जहां-तहां व्यस्त हो जाते हैं। नोएडा में अप्रैल से अगस्त तक 5 महीने में 145 आत्महत्याएं दर्ज हुईं। इसी महीने के पहले सप्ताह में अब तक आर्थिक तंगी व बेकारी से परेशान 4 लोगों ने जान दे दी है। सीतापुर में महोली के भूड़ाहूसा गांव के किसान रामचंद्र वर्मा की गला रेतकर हत्या कर दी गईं। अमेठी के गौरीगंज के उत्तरगांव के मजरे बस्तीदेई में किसान को जिंदा जला दिया गया। कानपुर देहात के खपरेमऊ गांव में किसान पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई।
रामनगरी में किसानों को उचित मुआवजा नहीं
अखिलेश ने कहा, रामनगरी अयोध्या में पुण्यकार्य के लिए किसानों की भूमि का अधिग्रहण तो किया गया, पर उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया गया। इस जमीन के लिए किसानों में आम सहमति बनाकर उन्हें सर्किल रेट बढ़ाकर 6 गुना मुआवजा देना चाहिए। इन किसानों का नेतृत्व पूर्व मंत्री व अयोध्या के पूर्व विधायक पवन पांडेय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं में भाजपा सरकार के प्रति गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। तमाम विरोध के बावजूद कोरोना काल में परीक्षाएं कराई जा रही हैं। रोजगार के नाम पर उनको भटकाया जा रहा है। ऑनलाइन पढ़ाई का मजाक बनाया जा रहा है।