आजकल अपने चाचा के विभाग में तबादले-तबादले का खेल चल रहा है।
अधिकारियों के तबादले खूब किए जा रहे हैं। तबादले के साथ ही उनमें संशोधन भी खूब हो रहे हैं।
यह भी अच्छा है कि पहले तबादला करो और बाद में उसे निरस्त कर दो।
दरअसल, पहले तबादले के लिए सेटिंग-गेटिंग होती है। अगर किसी अफसर का मनचाही जगह से दूसरी जगह तबादला हो जाता है तो वह उसे रुकवाने में लग जाता है।
ऐसे में चाहे तबादला करना हो या उसे निरस्त करना, दोनों ही सूरत में चढ़ावा तो चढ़ता ही है।