किसी जमाने में चुनाव प्रचार की डिमांड में सबसे हॉट समझे जाने वाले सूबे के ‘फायरब्रांड’ वजीर की उपचुनावों में भूमिका तय नहीं हो पाई है।
पिछले दिनों धर्मगुरु पर खूब भड़कने वाले आला वजीर ने या तो खुद उपचुनाव से जुड़े अहम फैसलों से दूरी बना रखी है।
या पार्टी ने उन्हें हाशिये पर रखकर चुनाव लड़ने की योजना बनाई है।
पता नहीं, वजह वोटरों का ध्रुवीकरण रोकने की कवायद है या कुछ और, मगर जनाब वजीर साहब को खास तवज्जो मिलती नहीं दिख रही है।
वह भी सरकार से कुछ कटे-कटे से नजर आ रहे हैं।
उपचुनाव वाले किसी क्षेत्र में गए तक नहीं। एक विधायक ने कहा, सब जानते हैं कि क्यों उनसे दूरी बनाने की कोशिश हो रही है।