प्रसंग मंदिर आंदोलन से जुड़े एक प्रमुख महंत की स्मृति में गोरखपुर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा का है।
भगवा दल के पूर्व मुखिया पहुंचे तो उन्होंने कहा कि महंतजी का मंदिर निर्माण का सपना पूरा किया जाएगा। पर, अगले ही दिन वहां पहुंचे मौजूदा मुखिया से जब इस बारे में सवाल पूछा गया तो वे चुप्पी साध गए।
लोग सिर धुन रहे हैं कि माजरा क्या है। यह रिश्तों की तल्खी है या भगवा खेमे की रणनीति।