गोंडा जिले के दो मेेधावियों ने केंद्रीय लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) में सफलता हासिल की है। छेदीपुरवा के आदित्य पॉल की बेटी वैष्णवी पॉल ने परीक्षा में 62वीं रैंक हासिल की है। इमिलिया गुरुदयाल के डॉ. महेश अग्रवाल के बेटे ईशान अग्रवाल का चयन 409वीं रैंक पर हुआ है। यूपीएससी के रिजल्ट से शहर में उत्साह का माहौल रहा।
परिणाम की जानकारी होते ही शहर की दोनों प्रतिभाएं सोशल मीडिया पर छा गईं। देखते ही देखते दोनों परिवारों को बधाई देने वालों का तांता लग गया। सफलता मिलने से उत्साहित बेटी वैष्णवी पॉल परिवार के साथ शहर के प्रमुख मंदिरों पर परिवार के साथ जाकर मत्था टेका। उनके पिता स्टेशन रोड पर पेंट की दुकान करते हैं। साथ ही व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष हैं। वैष्णवी की मां रचना पॉल शहर के फातिमा स्कूल में बतौर शिक्षिका कार्य कर रहीं हैं। दोनों ने बेटी की सफलता पर गर्व जताया। ईशान के पिता डॉ. महेश अग्रवाल शहर के नामी चिकित्सक हैं, वह उनकी माता डॉ. अपर्णा भी चिकित्सक हैं। एक निजी नर्सिंग होम का संचानन करतीं हैं। व्यवसायी परिवार की सफलता से व्यापार संघ के पदाधिकारी गदगद रहे। पदाधिकारियों ने दोनों मेधावियों को सम्मानित किया। जिलाध्यक्ष शिवकुमार सोनी संगठन के पदाधिकारियों राम सिंह, शिवराज सिंह आदि ने दोनों परिवार को भी बधाई दी।
सपने जरूर देखें और हिम्मत न हारेंः वैष्णवी
यूपीएससी परीक्षा 2023 में 62वीं रैंक हासिल करने वाली वैष्णवी पॉल अपनी सफलता का श्रेय गुरुजनों और परिवार को देती हैं। मंगलवार को उन्होंने ‘अमर उजाला’ से खास बातचीत की। उन्होंने शहर के फातिमा स्कूल से हाईस्कूल और इंटर की पढ़ाई 2015 में पूरी करने के बाद दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई 2018 में पूरा किया। इसके बाद तीन बार सिविल सर्विसेज की परीक्षा दी, जिसमें दो बार प्री-परीक्षा पास की, दो बार साक्षात्कार तक पहुंची। चौथी बार की परीक्षा के बाद दूसरे साक्षात्कार में सफल हुईं। कहा कि दिल्ली में उन्होंने सेल्फ स्टडी की और ऑनलाइन कोचिंग से भी मदद ली। लेकिन सफलता के सबसे अधिक जरूरी है कि सपने जरूर देखें और हिम्मत बनाए रखें। तैयारी के लिए सात से आठ घंटे का समय निकालें और तनावमुक्त होकर पूरा ध्यान तैयारी पर करें। इससे सफलता निश्चित हैं, यदि किसी बार सफलता न मिले तो हारें न यह देखें कि क्या कमी रह गई है और उसे दूर करके आगे तैयारी करें। कहा कि सफलता के लिए एकाग्रता और धैर्य भी बहुत जरूरी है। बताया कि वह ज्यादातर अपने परिवार से ही बात करतीं थीं। खेल या टीवी से दूर रहतीं थीं। उन्हें परिवार से काफी ऊर्जा मिली, वहीं परिचतों ने भी पूरा ध्यान रखा।
सफलता के जुनून से लक्ष्य मिलना तयः ईशान
यूपीएससी परीक्षा 2023 में 409वीं रैंक पर सफल हुए ईशान अग्रवाल ने शहर के रघुकुल विद्यापीठ से इंटर तक की पढ़ाई 2018 तक पूरी की। दिल्ली यूनीवर्सिटी से 2021 में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद तैयारी किया। पहली बार में उन्हें सफलता मिली। लेकिन वह अपने रैंक से संतुष्ट नहीं हैं। कहा कि आगे भी तैयारी करेंगे और फिर परीक्षा देंगे। यह पहली बार था, प्रयास जारी रखेंगे। किताबों और अखबारों से तैयारी की। शतरंज खेल प्रिय है, पढ़ाई से समय निकाल कर वह खेल में भी समय देते थे। ‘अमर उजाला’ से मंगलवार को विशेष भेंटवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि सफलता के लिए बहुत तनाव की जरूरत नहीं है, बस जुनून हो कि यह हमे हासिल करना है। उसी दिशा में लोगों को प्रयास करना चाहिए। बताया कि स्वयं से ही तैयारी किया, साथियों ने भी मदद की। परिवार व गुरुजनों का मार्गदर्शन बराबर मिलता रहा है।